लॉकडाउन में शराब कहां से आई, होगी जांच

  • शराब गोदामों का स्टॉक जांच रिपोर्ट सौंपेंगी अफसरों की 4 टीमें

रेवाड़ी. लॉकडाउन के दौरान तमाम शराब ठेके बंद रहे फिर भी लोगों को आसानी से शराब मिलती रही। इतना ही नहीं इस अवधि में पुलिस शराब की कई बार बड़ी खेप भी पकड़ी जो कि अब पूरी तरह से संदेह के दायरे में आ गई है। सोनीपत जिला में एक गोदाम से हुई शराब चोरी का मामला गले की फांस बनने के बाद अब तमाम जिलों में लॉकडाउन से पहले के स्टॉक की जांच के आदेश दिए गए हैं। जिला में भी मौजूद एल-1 व एल-13 के शराब गोदामों के स्टॉक की जांच के लिए अधिकारियों की टीम का गठन कर दिया गया है। इस जांच कमेटी की तरफ से स्टॉक की जांच के बाद नियमित रूप से इसकी जानकारी उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
सही जांच हुई तो निकलकर आएगी कड़ी
जिला में 27 मार्च से सरकार के लॉकडाउन की अवधि दौरान तमाम शराब ठेकों को बंद किए जाने का आदेश दिया था। इसके बाद सभी शराब ठेके बंद भी रहे। हालांकि ठेकों के बंद होने के बाद लोगों को आसानी से शराब मिली लेकिन इसके लिए उन्हें कीमत अधिक चुकानी पड़ी। ठेकों के बंद होने के बाद आसानी से मिली शराब और उसी तरह पुलिस द्वारा लगातार पकड़ी गई शराब की बड़ी खेप के बाद सरकार के कान खड़े हो गए। इसी बीच सोनीपत के खरखौदा स्थित एक गोदाम से बड़ी मात्रा में शराब चोरी का मामला विपक्ष के लिए मुद्दा बन जाने के बाद सरकार की तरफ से अब निर्देश दिए गए हैं सभी ठेकेदारों का स्टॉक चैक किया जाए। चूंकि इस अवधि में रेवाड़ी पुलिस की तरफ से भी लगभग 8 हजार से भी अधिक बोतलें जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त स्कॉर्पियो सहित अन्य वाहनों को जब्त करके उनसे भी बड़ी मात्रा में अवैध रूप से ले जाते शराब पकड़ी गई है। अब प्रशासन इस बात की जांच कराएगा कि लॉकडाउन की अवधि में पकड़ी गई यह शराब कहां से गई। चूंकि ठेके बंद थे इसलिए शक की सुई शराब गोदामों की तरफ ही घूम रही है। हालांकि इसमें पुलिस प्रशासन ठेके चलाने वालों की भूमिका को मान रहा है।

अंतिम दिनों में सील किए थे शराब ठेके
लॉकडाउन में शराब तस्करी बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने आबकारी कराधान विभाग को जिला में मौजूद तमाम शराब ठेकों को सील करने का आदेश दिया था। हालांकि यह आदेश बहुत देरी से आया और उसके बाद पांच दिन शराब ठेकों को खोलने की अनुमति मिल गई थी। चूंकि लॉकडाउन में शराब ठेके सील नहीं थे इसलिए संभावना है कि अवैध रूप ले जाते हुए जो शराब पकड़ी गई है उसमें इनकी की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
इन अफसरों की टीम करेगी स्टॉक की जांच
उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने बताया कि जिला में शराब बिक्री के गोदामों पर उपलब्ध स्टॉक की जांच के लिए चार कमेटियों का गठन किया गया है। गठित कमेटियों द्वारा शराब बिक्री गोदामों पर स्टॉक की उपलब्धता की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के एल-वन और एल-13 पर उपलब्ध स्टॉक की जांच के लिए सहायक-निदेशक इंडस्ट्रीयल सेफ्टी हेल्थ दीपक मलिक, एक्साइज इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, एसएचओ सिटी जगदीश वाइन एल-13 दिल्ली रोड की जांच की जाएगी। दूसरी कमेटी के संयुक्त निदेशक जिला औद्योगिक केन्द्र दीपक वर्मा, एक्साइज इंस्पेक्टर अनिल यादव, एसएचओ सदर डिस्कवरी सेल्स एल-वन व एल-13 के गोदाम कीजांच करेंगे। तीसरी कमेटी संपदा अधिकारी एचएसवीपी दीपक घनघस, इंस्पेक्टर यतेन्द्र यादवएसएचओ मॉडल टाउन सीताराम सेल्स एल-वन व एल-13 बावल रोड गोदाम की जांच करेंगे। चौथी कमेटी सहायक लेबर कमिश्रर हवासिंह यादव, इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, एसएचओ मॉडल टाउन जगदीश एल-वन बावल रोड के गोदाम की जांच करेंगे। उपायुक्त ने उपरोक्त कमेटियों को नियमित रूप से शराब गोदामों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।