महेश नगर पुलिस की सिफारिश पर लायंस क्लब इंटरनेशनल का अकाउंट फ्रीज होने से दिल्ली की केजरीवाल सरकार को नहीं मिला कोविड-19 फंड

  • लायंस क्लब इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक गवर्नर चरणजीत सिंह दावा- सभी आरोप झूठे, पूर्व डिस्ट्रिक गवर्नर अपना पैसा लौटा चुके, सचिव ने राजनीतिक स्टंट के तहत दर्ज कराई एफआईआर

अम्बाला. वेस्ट दिल्ली से लेकर शिमला तक फैले लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक 321-ए2 के डिस्ट्रिक गवर्नर चरणजीत सिंह के साथ-साथ उनकी कैबिनेट के दो कोषाध्यक्ष और एक प्रोजेक्ट कोषाध्यक्ष के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज होने के साथ-साथ क्लब का अकाउंट फ्रीज हो गया है। अम्बाला कैंट की महेश नगर पुलिस ने इसकी सिफारिश पंजाब नेशनल बैंक के मुख्यालय में की थी। इसलिए क्लब दिल्ली की केजरीवाल सरकार को 7.60 लाख से पीपीई किट, मास्क अौर फेस शील्ड नहीं मिल पाई है अाैर वेस्ट दिल्ली के साथ-साथ साेनीपत, गन्नाैर, गाेहाना, पानीपत, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अम्बाला, पंचकूला, परमाणु, साेलन, शिमला, नाहन हाउस, पाैंटा साहिब, यमुनानगर, नीलोखेड़ी डिस्ट्रिक का फंड अकाउंट में ही पड़ा है।
इस मामले की जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि 30 जून को लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक 321-ए2 के डिस्ट्रिक गवर्नर चरणजीत सिंह और वाइस डिस्ट्रिक गवर्नर वन और टू का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसलिए गवर्नर ने 60 दिन पहले इसकी कॉल कर दी थी और कोविड-19 को देखते हुए उक्त जगहों से इच्छुक आवेदनकर्ता से मेल के जरिए एक अप्रैल 2020 तक आवेदन मांगे गए थे। अम्बाला, कैथल और दिल्ली से जो 3 आवेदन गवर्नर की मेल पर पहुंचे थे वह 11 से 13 दिन देरी से पहुंचे। सूत्रों की मानें तो इंद्रजीत सिंह पर पूर्व में जिस कारोबारी ने मुकद्दमा दर्ज कराया था। उसका आवेदन भी 11 दिन बाद पहुंचा था। अब मामले का निपटारा लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन को करना है। इस बार हरियाणा से गवर्नर बनना है।
इंद्रजीत लौटा चुके हैं पैसा: लायंस क्लब इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक गवर्नर चरणजीत सिंह दावा किया है कि पूर्व डिस्ट्रिक गवर्नर अपना पैसा लौटा चुके हैं जो चेक के माध्यम से इंटरनेशनल फाउंडेशन को भेज रखा है। इसलिए आरोप झूठे हैं और यदि कोई शिकायत थी तो इंटरनेशनल के लीगल सेल में पहले होनी चाहिए थी जो नहीं की गई। पुलिस ने शिकायत मिलने पर हमसे पूछताछ नहीं की और सीधा ही एफआईआर दर्ज कर दी थी कम से कम हमें पुलिस एक बार अपनी सफाई और दस्तावेज दिखाने का मौका तो देती। यह एक राजनैतिक स्टंट है। इंटरनेशनल के बारे शिकायतकर्ता कुछ भी नहीं जाना है जिसे एक मोहरा बनाया गया है उसे तो एलसीआईएफ की फुल फॉर्म भी नहीं पता।

स्कीम का जिक्र : इंद्रजीत ने एमजीएफ का प्लान बताया था
महेश नगर की एफआईआर में शिकायतकर्ता ने एक स्कीम का जिक्र किया है। इंद्रजीत सिंह ने अपने साल 2017-18 के कार्यकाल में इसका जिक्र किया था और मेंबर को कहा था कि यदि कोई एमजीएफ बनना चाहता है तो वह उसे 10 हजार रुपए पुरस्कार के रूप देंगे और कसौली के ग्लेन व्यू रिजॉर्ट में मीटिंग के बाद 54 एमजीएफ बने थे। एमजीएफ के बदले लायंस इंटरनेशनल महामारी, आपदा या त्रासदी के वक्त फंड इंडिया भेजता है और कोविड-19 महामारी के लिए 10 हजार डॉलर का फंड 24 अप्रैल को आ चुका है।

इंद्रजीत बोले- शिकायतकर्ता माेहरा है, कोई दस्तावेज दिखाए
शिकायतकर्ता को एक मोहरा बनाया गया है, पहले सचिव पर भी दबाव बनाया गया था उसने नहीं मानी। इसलिए उसकी जगह दूसरा सेक्रेटरी धीरज बना है और उससे शिकायत कराई गई है जिन्हें इंटरनेशनल के नियम तक नहीं पता। पहले शिकायत लीगल सेल में होनी चाहिए। जो नहीं की गई। कोई दस्तावेज तो दिखाएं। हम पुलिस की तफ्तीश में शामिल होते। लेकिन पुलिस दबाव में थी इसलिए हमसे एक बार भी पूछा नहीं। इंद्रजीत, पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर, लायंस क्लब अम्बाला।

लायंस क्लब इंटरनेशनल को यूं समझिये…लायंस क्लब इंटरनेशनल एक अंतरराष्ट्रीय गैर-राजनीतिक सेवा संगठन है जिसके फाउंडर मेल्विन जोन्स थे अौर 1917 में शिकागो, इलिनोइस में इसकी स्थापना हुई थी। मुख्यालय ओक ब्रुक, इलिनोइस में है। जनवरी 2020 तक, दुनिया भर के 200 से अधिक देशों में इसके 46,000 से अधिक स्थानीय क्लब और 1.4 मिलियन से अधिक सदस्य हैं। फीस देकर क्लब से कोई भी जुड़ सकता है। फाउंडर अपने दानी मेंबर को एक हजार डॉलर (76 हजार रुपए) से ज्यादा दान देने पर मेल्विन जोन्स फैलो (एमजीएफ) का सम्मान देता है। इंद्रजीत सिंह ने अपने कार्यकाल में 54 एमजीएफ बनाए हैं और डिस्ट्रिक गवर्नर 11 दानियों को यह शील्ड दे चुके हैं।

अभी जानकारी नहीं दे सकता
मेरा बीपी हाई है और मैं गोली ली है। इसलिए इस मामले में कुछ नहीं बता सकता।
धीरज कुमार, क्लब सचिव अम्बाला कैंट।

अलायंस क्लब का ये है पूरा मामला

  • आरोपी इंद्रजीत सिंह ने डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रहते हुए प्रति सदस्य लायंस कंट्रीब्यूशन के नाम पर 3200 डॉलर इकट्ठे कर धोखाधड़ी की
  • आरोपी ने ऑडिटर के पास जाकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की।
  • पुराना अकाउंट चलाया गया जबकि नया अकाउंट खोलने का प्रावधान है।
  • क्लब के नियमों की भी पालना नहीं की।
  • वर्तमान डिस्ट्रिक्ट गवर्नर गुरचरण सिंह ने पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इंद्रजीत सिंह और वर्तमान में दिल्ली से क्लब कैबिनेट कोषाध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल, भूषण खुराना अौर हरियाणा से राकेश बंसल के साथ मिलकर क्लब इंटर्नशिप की।
  • गुरचरण सिंह ने दबाव में आकर करनाल नूर महल में 16 जून 2019 में कोषाध्यक्ष दिल्ली और हरियाणा से कोषाध्यक्ष के बजट का अनुमोदन किया।

मेरे संज्ञान में मामला नहीं है: विवेकशील दुरेजा
मुझे लायंस क्लब जाॅइन करने के बाद मजा नहीं आया। लायंस का सिस्टम ही समझ में नहीं आया है। इसलिए मैं तो इससे दूर हो गया हूं। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला मेरे कार्यालय में नहीं आया। मेरे ऊपर किसी ने शिकायत के लिए दबाव नहीं बनाया था।
विवेकशील दुरेजा, पूर्व सचिव।