बरसात से मंडियों में भीगे गेहूं के 44 लाख से अधिक कट्टे, 2 लाख 24 हजार 674 एमटी गेहूं मंडियों में अटका

  • जिला की मंडियों में 5.96 लाख एमटी गेहूं की हो चुकी है आवक, मंडियों व 246 खरीद केंद्रों पर उठान न होने से बार-बार भीग कर खराब हो रहा गेहूं, आढ़ती परेशान

कैथल. रविवार सुबह ही हुई बारिश से मंडियों में खुले आसमां के नीचे पड़े करीब 44 लाख से अधिक गेहूं के बैग भीग गए। खरीद एजेंसियों द्वारा उठान कार्य में लापरवाही बरतने से मंडियों में बार बार गेहूं खराब हो रहा है। कैथल में तेज हवाओं के साथ हुई 5 एमएम बारिश हुई, जिससे अनाज मंडियों में पानी भर गया और गेहूं के बैग पानी में पड़े दिखाई दिए। बता दें, इससे पहले भी दो बार हलकी बारिश से गेहूं की बोरियां भीग चुकी हैं। जिला की विभिन्न मंडियों समेत कुल 243 परचेज केंद्रों पर गेहूं की खरीद जारी है।
जिला की विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों पर शनिवार तक 5 लाख 96 हजार 748 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। शनिवार को जिला में 9 हजार 427 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। एजेंसियों द्वारा कुल आवक में से 3 लाख 72 हजार 74 एमटी गेहूं की लिफ्टिंग की गई है। इसके बाद भी जिला की मंडियों में 2 लाख 24 हजार 674 एमटी गेहूं उठान के इंतजार में है। डीसी सुजान सिंह ने बताया कि गेहूं की कुल खरीद में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 17 हजार 230 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2 लाख 37 हजार 986 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 78 हजार 572 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 62 हजार 960 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई है।

जिला की मंडियों में गेहूं खरीद का कार्य अंतिम चरण में है। एजेंसियों द्वारा साथ साथ उठान करने की हिदायत दी गई है। लेकिन कई एजेंसियों के पास लेबर की कमी होने के कारण उठान में देरी हो रही है। मंडियों में भीगे गेहूं को सूखने के बाद ही उठवाया जाएगा, ताकि गोदामों में गेहूं खराब न हो। वरिंद्र कुमार, डीएसएससी, कैथल।