बच्चे की हालत बिगड़ी, दिखाया तो पता चला हार्ट सर्जरी होगी, अब लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ

  • अम्बाला की एक एनजीओ और रोटरी क्लब ने कहा आप्रेशन का पूरा खर्च उठाएंगे
    महज 3 साल के बच्चे को हो गंभीर बीमारी, डॉक्टर बोले- ओपन हार्ट सर्जरी होगी

अम्बाला. लॉकडाउन में आज भी प्रवासी मजदूरों का पैदल और साइकिल पर पलायन जारी है। वे किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं। यूपी के रहने वाले सदानंद भी पंजाब के पटियाला से अपने दो बच्चों और पत्नी को साइकिल पर लेकर इसी आस में निकले थे। वे अम्बाला पहुंचे तो उनके 3 साल के बेटे की तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया तो डॉक्टरों के शब्द सुनकर सदानंद के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई। दरअसल डॉक्टरों का कहना था कि उसके बेटे की हालत ज्यादा खराब है और उसकी ओपन हार्ट सर्जरी होगी। सदानंद के पास तो घर जाने तक के पैसे नहीं थे, तो इलाज का लाखों रुपये खर्च कैसे उठाए। ऐसे में डॉक्टरों ने जब आम लोगों से अपील की तो अम्बाला विधायक असीम गोयल की एनजीओ और रोटरी क्लब ने बच्चे के इलाज का पूरा खर्च उठाने की पहल की है।

सदानंद अपने बच्चों व पत्नी को लेकर पंजाब के पटियाला से यूपी के लिए साइकिल पर निकले थे। जैसे-तैसे अम्बाला तक पहुंचे तो बच्चे की तबीयत खराब हो गई।

बच्चा जब अस्पताल पहुंचा तो पूरा नीला हो चुका था
उनके आश्वासन के बाद सदानंद के चेहरे से चिंता की लकीरें कुछ कम हुई हैं। जिस निजी अस्पताल में बच्चे को भर्ती करवाया गया था। उन्होंने भी उसकी पूरी मदद की है। फिलाडेल्फिया अस्पताल के डॉक्टर सुनील सादिक का कहना है कि बच्चा जब अस्पताल पहुंचा तो पूरी तरही नीला हो चुका था। उन्होंने जांच की तो पता चला बच्चे को गंभीर बीमारी है, जिसके चलते उसकी ओपन हर्ट सर्जरी करनी पड़ेगी। उसके पिता के पास पैसे नहीं थे तो एक रिटायर्ड पीजीआई डॉक्टर को सर्जरी के लिए मनाया। अब मदद के लिए एनजीओ और रोटरी क्लब ने पहल की है।

अम्बाला के विधायक असीम गोयल की एनजीओ मेरा आसमान मदद के लिए आगे आई है।

विधायक बोले- बच्चे का पूरा खर्च दोनों संस्थाएं मिलकर उठाएंगी
अम्बाला के विधायक असीम गोयल का कहना है कि उन्हें जब इस बारे में पता चला तो अपनी एनजीओ मेरा आसमान के माध्यम से इलाज करवाने की ठानी। इसी दौरान रोटरी क्लब ने भी अपनी हर्ट लाइन कार्यक्रम के माध्यम से बच्चे के इलाज का सारा खर्च उठाने की बात कही। इसके साथ-साथ अब कुछ अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आए हैं। बच्चे के पिता सदानंद का कहना है कि उन्हें पूरी मदद मिल रही है।