जांच के लिए एसआईटी का गठन, सीएम ने आईएएस टीसी गुप्ता का नाम किया सिलेक्टः सूत्र 

  • सोनीपत के खरखौदा में सरकार द्वारा जब्त 5500 विदेशी शराब की पेटियां हुई थी गायब
  • सरकार द्वारा गठित एसआईटी में एक आईएएस के नाम का होना था चयन

चंडीगढ़. सोनीपत के खरखौदा में सरकार द्वारा जब्त की गई 5500 शराब की पेटियां गोदाम से गायब हो जाने के मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है। इस एसआईटी में जिस एक आईएएस का चयन सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा किया जाना था, उनका नाम तय हो गया है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि सरकार ने आईएएस टीसी गुप्ता का नाम एसआईटी के लिए चयन किया है।

इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस की तरफ से एडीजीपी सुभाष यादव, आबकारी एवं कराधान विभाग की तरफ से अतिरिक्त आयुक्त विजय सिंह को एसआईटी सदस्य के रूप में फाइनल किया गया है। एसआईटी में एक आईएएस को भी शामिल किया जाना था। गृह मंत्री ने आईएएस अशोक खेमका, संजीव कोशल व टीसी गुप्ता का नाम भेजा था। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि टीसी गुप्ता का नाम चुन लिया गया है।

करोड़ों रुपये की शराब गायब हुई थी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस गोदाम में विदेशी शराब की बोतलें रखी गई थी, जो करोड़ों रुपये में बेची गई थी। पुलिस ने यह गोदाम उस आदमी के घर में बना रखा था, जिस पर पहले से शराब तस्करी के मामले दर्ज थे।

आरोपी शराब ठेकेदार भूपेंद्र को लेकर जाते हुए पुलिस टीम।

आरोपी भूपेंद्र ने कहा एसएचओ की मदद से शराब बेची
खरखौदा शराब घोटाले में आरोपी ठेकादार भूपेंद्र ने एसआईटी के सामने स्वीकार किया कि लॉकडाउन में दिल्ली व अन्य क्षेत्रों में शराब की मांग बढ़ने पर खरखौदा एसएचओ को पैसे देकर गोदाम से शराब निकलवाया था। बाईपास पर भूपेंद्र ने मां के नाम से किराए पर गोदाम बना रखा है। फरवरी-मार्च 2019 में आबकारी व पुलिस ने अवैध शराब पकड़ी थी और उसे वहीं सील करवा दिया था। 7 ट्रकों में पकड़ी गई और अदालत में चल रहे 14 मामलों की शराब भी यहीं रखवा दी गई। जहां से शुरुआती जांच में 5500 पेटियां गायब मिलीं थीं। एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि भूपेंद्र पर उस पर 15 मामले दर्ज हैं। उसके 10 गोदामों का पता चला है। भूपेंद्र का नेटवर्क पंजाब, गुजरात, बिहार, दिल्ली, यूपी तक फैला है।

ईडी व इनकम टैक्स को लिखा पत्र
शराब तस्कर भूपेंद्र की संपत्ति की जांच के लिए एसपी ने ईडी व इनकम टैक्स को भी पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। अंदेशा है आरोपी ने शराब तस्करी से करोड़ों रुपए की संपत्ति जोड़ी है।

पंजाब से नकली शराब का भी खेल
भूपेंद्र ने बताया कि उसने पंजाब के राजपुरा में कई लोगों से सेटिंग कर रखी है, जहां से सस्ती शराब सोनीपत लाता है। यहां ब्रांडेड कंपनी के नकली लेवल लगाकर महंगे दामों पर बेचता है।