कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिला की डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में बनाया अलग से ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम और वार्ड

  • हल्के लक्षण पर ही थर्मल स्क्रीनिंग से जरूरी जांच के निर्देश, एमएस बोले- वार्ड में भी बरत रहें पूरी सावधानी

रेवाड़ी. कोरोना वायरस के रेवाड़ी में दस्तक देने के बाद से स्वास्थ्य विभाग और अलर्ट हो गया है। अब वार्डों से लेकर ओपीडी में भी सावधानी बरती जा रही है। यही नहीं पुरानी बिल्डिंग में चल रहे गायनी ओपीडी में अगर कोई संदिग्ध लक्षणों वाली गर्भवती महिला आती है तो उसके लिए भी अलग से व्यवस्था बना दी गई है। संदिग्ध लक्षण वाली महिलाओं की थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर अन्य जरूरी जांच करने के भी निर्देश है। साथ ही नई बिल्डिंग में पहले चल रही आंखों की ओपीडी वाले हिस्से को कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए ऑपरेशन थियेटर से लेकर लेबर रूम व वार्ड बना दिया है। हालांकि अभी यहां सबकुछ ठीक है।

ओपीडी में इस तरह की कोई महिला नहीं आई है। मगर एहतियात के लिए यह कदम उठया गया है, ताकि हर परिस्थिति को संभाला जा सके। नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. सर्वजीत थापर का कहना है कि अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अलग से टीम भी बना रखी है। साथ ही सुबह के समय खुद भी मीटिंग लेकर सभी डॉक्टर्स व अन्य स्टाफ को निर्देश दिए जा रहे हैं। हर दिन उनको ड्यूटी के बारे में भी बताते हैं।
ऐसा इसलिए…ताकि नहीं फैले संक्रमण
डॉ. थापर ने बताया कि गायनी व बच्चों की ओपीडी लॉकडाउन के शुरूआत से ही जारी है। लेकिन वहां सावधानी पहले से ज्यादा रखने की हिदायत दी हुई है। ओपीडी में रूटीन चेकअप के लिए आने वाली गर्भवतियों की जांच के दौरान संदिग्ध लक्षण होने पर उनको अलग रखने के निर्देश दे रखे हैं। फिलहाल ओपीडी में कोई ऐसी महिला नहीं आई है। फिर भी हमने नई बिल्डिंग में अलग से कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिला के लिए अलग से ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम व वार्ड बना दिया है। ऐसा इसलिए कि हर परिस्थिति में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके। अस्पताल में मार्च माह के दौरान 215 सामान्य और 98 सीजेरियन डिलीवरी हुईं। वहीं अप्रैल माह में 190 सामान्य और 64 सीजेरियन डिलीवरी कराई गई। जबकि मई माह में अब तक कुल 55 डिलीवरी कराई जा चुकी हैं।

सिविल अस्पताल में ये व्यवस्थाएं भी की गई अलग, ताकि परेशानी न हो
एमएस डॉ. थापर ने बताया कि डिप्टी एमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार व अन्य स्टाफ के साथ चर्चा कर फ्लू ओपीडी भी सबसे पहले अलग बनाई। जहां पर 19 मार्च से खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज देखे जा रहे हैं। साथ ही वहां ओपीडी में जिनको संदिग्ध लक्षण मिले, उनके सैंपल लेने शुरू किए थे। तभी से अस्पताल की नई बिल्डिंग में कोविड यूनिट शुरू है। आइसोलेशन वार्ड भी बनवाया हुआ है। जिसमें आईएमए के सहयोग से पांच वेंटीलेटर की व्यवस्था भी है। 21 अप्रैल से सामान्य ओपीडी शुरू करने की बात पर भी टीम से चर्चा की। जिसके बाद संक्रमण नहीं फैलें, इसके लिए ट्रॉमा सेंटर में ओपीडी शुरू कराई गई। एक साथ शुरू करने की बजाय प्रत्येक दिन ओपीडी में दो अलग-अलग बीमारियों के डॉक्टर्स बैठाए जा रहे हैं। ओपीडी के लिए आउटडोर कार्ड भी ट्रॉमा में ही बनाया जा रहा है। वहीं पर ही मरीजों को दवाइयां मिलने के अलावा एक्स-रे आदि भी किए जा रहे हैं।