उच्चतर शिक्षा परिषद ने सौंपी रिपोर्ट में कहा- प्रदेश की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा लिए प्रमोट न किए जाए

  • राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद को सरकार ने सौंपा था परीक्षा व आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा
  • ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहे प्रदेशभर के 30 प्रतिशत विद्यार्थी, परीक्षा से पहले यूनिवर्सिटी व कॉलेजों को लगानी होंगी कक्षाएं

कुरुक्षेत्र. (विकास बत्तान ) प्रदेशभर की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में कोरोना महामारी के कारण परीक्षाएं स्थगित भले ही हो गई हैं, लेकिन बिना परीक्षा लिए किसी भी विद्यार्थी को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा। राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की ओर से सरकार को परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात को कहा गया है। बता दें कि कि यूजीसी की ओर से 29 अप्रैल को यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा जुलाई में करवाने की गाइडलाइन जारी हुई थी। जिसके बाद हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद को प्रदेशभर की यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के लिए परीक्षा शेड्यूल व आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सरकार ने सौंपा था। इस रिपोर्ट के बाद अब जल्द ही प्रदेशभर की यूनिवर्सिटी व कॉलेजों की परीक्षा और आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर निर्देश जारी होने की उम्मीद है। प्रदेशभर की यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थी वर्तमान में अपनी परीक्षाओं को लेकर सबसे अधिक चिंतित हैं।
यह है रिपोर्ट की अहम बातें
राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. बीके कुठियाला ने बताया कि परिषद की ओर से सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में सबसे पहले बिना परीक्षा दिए किसी भी विद्यार्थी को प्रमोट न करने की बात है। इसके अलावा 30 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे हैं जो ऑनलाइन पढ़ाई से संसाधनों व अन्य कारणों से वंचित रहे। ऐसे में इन विद्यार्थियों के लिए परीक्षा से पहले सिलेबस कवर करवाने के लिए कक्षाएं लगाने का प्रबंध यूनिवर्सिटी व कॉलेज करें। इसके लिए छुट्टी वाले दिनों का भी प्रयोग किया जाए। डॉ. कुठियाला ने बताया कि गर्मी की छुटि्टयों को भी आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए इस साल खत्म करने की बात रिपोर्ट में है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी व कॉलेजों को ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों को संसाधन उपलब्ध करवाने का प्रबंध करने की नीति बनाने का सुझाव भी रिपोर्ट में है।
परीक्षा से जुड़े सभी पक्षों से बातचीत कर तैयार की रिपोर्ट : परीक्षाओं से जुड़े सभी पक्षों से परिषद ने चर्चा कर रिपोर्ट तैयार की। इसमें सभी यूनिवर्सिटी के कुलपति, 170 से अधिक कॉलेज प्राचार्यों, 200 से अधिक शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से बातचीत की गई। इन सभी पक्षों के साथ परीक्षा शेड्यूल को तैयार करने के साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर चर्चा हुई।
सरकार को सौंपी रिपोर्ट : डॉ. कुठियाला ने भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि यूनिवर्सिटी व कॉलेजों की परीक्षा और आगामी शैक्षणिक सत्र को शुरू करने को लेकर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। 2021-22 का शैक्षणिक सत्र पूरी तरह नॉर्मल रहे इसका प्रावधान रिपोर्ट में किया है। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम को भी रिव्यू करने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न हो। यह पूरे प्रदेश की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए खाका है, जिसे यूनिवर्सिटी अपने अनुसार अपना सकेंगी।