आंधी के साथ आई बारिश, बिजली के खंभे-पेड़ उखड़े, कई जिलों में बिजली बाधित

  • प्रदेश में 20 मई के बाद लू चली तो गर्मी एक माह ही होगी, फिर प्री-मानसून की बारिश

पानीपत. (सुशील भार्गव ) प्रदेशभर में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सूर्योदय के बाद मौसम थोड़ा खुला नजर आ रहा था, लेकिन 8 बजे के बाद आसमान में घने काले बादल छा गए। लोगों के घरों की लाइटें जल गई। वहीं सड़कों पर वाहन चालकों ने वाहनों की लाइट जलाकर निकल रहे थे। देखते ही देखते तेज आंधी के साथ तेज बारिश हाेनी शुरू हाे गई। बारिश से पहले तेज तूफान आया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि 20 मई के बाद लू का प्रकोप शुरू हुआ तो गर्मी करीब एक माह तक चलेगी। क्योंकि 25 जून के आस-पास मानसून आता रहा है। ठीक इससे पहले 10 से 15 जून तक प्री मानसून की बौछारें भी पड़ती हैं। इस साल अब तक दर्जनभर पश्चिम विक्षोभ आ चुके हैं। जब पारा बढ़ता है तो अचानक बरसात हो जाती है।
आगे क्या : मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 11 व 12 मई को भी कहीं-कहीं हलकी बरसात हो सकती है, 13 को फिर से मौसम बदल सकता है, 14 को बरसात के आसार हैं। 19 मई को फिर पश्चिम विक्षोभ से 19 व 20 मई को बरसात हो सकती है।

प्रदेशभर के हालात पर एक नजर

कुरुक्षेत्र : तूफान से सड़कों पर घंटों बिजली बाधित रही। केडीबी फीडर, थानेसर फीडर, एनजीएम फीडर पर ब्रेक डाउन रहा। सुबह 9 से 2.30 बजे तक बिजली बाधित रही। बिजली सुविधा केंद्र में 47 शिकायतें आईं।
हिसार : सिरसा, फतेहाबाद, दादरी व भिवानी में दिनभर बादल छाए रहे। सभी जगह बूंदाबांदी हुई। माध्यम व तेज हवा चली, लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। केवल भिवानी के छिगावा क्षेत्र में अंधड़ से कुछ बिजली के खंभे टूट गए। फतेहाबाद में भी 27 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली।
अम्बाला : 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। जिले में बड़े इलाके में करीब 4 घंटे बिजली गुल रही। 1 बजे ही बिजली आपूर्ति बहाल हुई। उठान की गति धीमी है। कुछ मंडियों में गेहूं की बोरियां भीग गई। नारनौल में बारिश नहीं हुई।
रेवाड़ी : 25 किलोमीटर औसत प्रतिघंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली दोपहर 12 बजे के आसपास मौसम में परिवर्तन हुआ। जिले में कहीं बारिश नहीं हुई है।

करनाल में 12 एमएम बारिश, मंडियों में गेहूं भीगा

बरसात से 12 एमएम पानी गिरा। 30 लाख कि्वंटल गेहूं भीग गया। अनाजमंडियों में भीगे इस गेहूं को जल्द सप्लाई नहीं किया तो यह खराब हो सकता है। यदि रुटीन में अनाज का उठान होता तो यह गेहूं भीगने से बच सकता था।

8 डिग्री तक गिरा तापमान

  • अम्बाला 29.3 डिग्री, 8 डिग्री कम
  • भिवानी 37.0 डिग्री,
  • गुड़गांव 35.0 डिग्री,
  • हिसार 35.2 डिग्री, 5 डिग्री कम
  • करनाल 31.0 डिग्री, 7 डिग्री कम
  • कुरुक्षेत्र 31.0 डिग्री
  • नारनाैल 37.0 डिग्री, 3 डिग्री कम
  • रोहतक 31.3 डिग्री, 8 डिग्री कम
  • सिरसा 35.1 डिग्री, सेल्सियस

कई जिलों में एक्यूआई भी घटा

  • फतेहाबाद 211 से 173
  • हिसार 207 से 182
  • कैथल 151 से 125
  • करनाल 177 से 131
  • कुरुक्षेत्र 215 से 197
  • गुड़गांव 249 से 130
  • रोहतक 197 से 133

मई की गर्मी का रिकार्ड : हिसार में 26 मई 1998 को दिन का अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस रहा था।