लाॅकडाउन में छूट से खुले बाजार, पटरी पर लौट रही शहर की अर्थव्यवस्था; छह दिनों में हुआ ~ 12.25 करोड़ का कारोबार

  • बाजारों में कोरोना महामारी को लेकर जारी की गई गाइडलाइन के पालन में भी प्रतिदिन हो रहा सुधार

भिवानी. लाॅकडाउन 3 में मिली छूट के बाद खुले बाजाराें में धीरे धीरे शहर की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है, वहीं बाजारों में कोरोना महामारी को लेकर जारी की गई गाइडलाइन की पालना में भी प्रतिदिन सुधार होता दिखाई दे रहा है। बाजार में लोग सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते नजर आने लगे हैं, वहीं मुंह पर मास्क लगाना भी अब लोग आवश्यक समझने लग गए हैं। सात दिन पहले डेढ़ करोड़ रुपये से शुरू हुआ शहर का कारोबार साढ़े तीन करोड़ रुपये प्रति दिन तक पहुंच गया है। सोमवार से बाजार में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
लाॅकडाउन 3 में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करने, मास्क व सैनिटाइजर का लगातार इस्तेमाल करने आदि की शर्तों पर प्रशासन ने चार मई से बाजारों को खोलने की छूट दी थी। चार मई को दुकानें खुले तो 41 दिन बाद बाजारों में राैनक लौटी थी। पहले ही दिन दुकानदारों व ग्राहकों ने सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह नहीं की थी। इसके अलावा मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए भी ग्राहक व दुकानदार नहीं दे रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस व प्रशासन ने सख्त शुरू की दुकानदार व ग्राहक भी नियमों की पालना करते हुए नजर आने लगे हैं। पुलिस व प्रशासन ने बाजारों में व्यवस्था को बेहतर बनाया है वहीं ग्राहक व दुकानदार भी नियमों की पालना करते नजर आने लगे हैं।

शहर में पिछले छह दिनों में इस तरह देखने को मिला सोशल डिस्टेंसिंग में सुधार
4 मई को बाजार खुले तो उचित व्यवस्था न होने पर बाजारों में सड़कों पर लोगों की भीड़ दिखाई दी थी। इसके अलावा दुकानों के बाहर भी ग्राहक सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं कर रहे थे। विशेष कर कॉस्मेटिक, सर्राफा दुकान, रेडिमेड कपड़े व शू-प्लेस पर भीड़ दिखाई दी थी। नगरपरिषद व पुलिस कर्मचारी बाजारों में तैनात रहे तथा ग्राहक व दुकानदारों को नियमों की पालना के जागरूक करते दिखाई दिए थे।
5 मई को भी बाजारों में खरीददारों की भीड़ उमड़ी और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ीं। पुलिस व नगरपरिषद अधिकारियों ने सख्ती दिखाई और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना न करने वाले 31 दुकानों के चालान काटे, इसके अलावा आधा दर्जन दुकानों को अधिकारियों ने बंद भी करवाया था। प्रशासन लगातार बाजारों में जागरूकता अभियान चलाता रहा।
6 मई से बाजारों में सुधार नजर आने लगा। प्रशासन की सख्ती से अधिकतर दुकानदार नियमों की पालना करते नजर आए। कुछ दुकानों पर ही नियमों की अवहेलना हुई। पुलिस ने सख्त निर्देश दिए कि दुकानदार सामान को दुकान के अंदर ही रखें। फुटपाथ पर सामान न रखें।
7 मई को पुलिस ने घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, नया बाजार, जैन चौक पर नाकेबंदी कर फोर व्हीलर को शहर में प्रवेश नहीं दिया। इससे बाजार में व्यवस्था ओर सुधरी और दुकानदार भी नियमों की पालना करते नजर आए थे।
8 मई को पुलिस ने घंटाघर चौक से टू-व्हीलर के प्रवेश पर भी रोक लगा दी और रास्ता डायवर्ट कर दिया था। वैश्य स्कूल के पास नाका लगा गया जहां से टू व्हीलरों को शहर में प्रवेश दिया गया था। इससे बाजार में रोड पर भीड़ नहीं लगी। दुकानदार भी दुकान में पांच-पांच खरीददारों को ही प्रवेश देते दिखाई देने लगे थे। इससे बाजारों में व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की व्यवस्था ओर बेहतर दिखाई दी।
9 मई को बाजारों में व्यवस्था ओर बेहतर दिखाई दी। नया बाजार में भी फोर व्हीलर, ट्रैक्टर ट्रालियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इससे नया बाजार में जाम की स्थिति पैदा नहीं हुई और लगातार जागरूकता के कारण नया बाजार में भी दुकानदार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते नजर आने लगे थे।
10 मई रविवार को प्रशासन के आदेश पर बाजार बंद रहा। हालांकि मेडिकल स्टोर, शराब ठेके व मौजी की दुकानें खुली रही। रविवार को शहर की सड़कें व बाजार पूरी तरह से सुने रहे।

लॉकडाउन में छूट के बाद खुले बाजार में इस तरह हुई खरीददारी

  • 4 मई को कॉस्मेटिक, कपड़ा, रेडिमेड कपड़ा व आभूषणों की दुकानों पर भीड़ रही व करीब सवा करोड़ का कारोबार हुआ।
  • 5 मई को भी उक्त दुकानों पर भीड़ रही और कारोबार लगभग सवा करोड़ तक पहुंचा।
  • 6 मई को भी बाजार ओर तेजी देखने को मिली। कारोबार साढ़े तीन करोड़ तक पहुंचा।
  • 7 मई को बाजारों में कुछ भीड़ कम रही और बाजार का कारोबार तीन करोड़ तक रहा।
  • 8 मई को बाजार में लगभग तीन करोड़ रुपये के सामान की खरीददारी हुई।
  • 9 मई शनिवार को बाजार में पांच की तुलना में ग्राहकों की भीड़ कम रही और लगभग दो करोड़ रुपये के सामान का लेने देन हुआ।

इस तरह की लोगों ने की छह दिन में खरीददारी

  • कॉस्मेटिक का कारोबार छह दिनों में लगभग सवा करोड़ रुपये का रहा।
  • सोने व चांदी के आभूषणों का कारोबार लगभग तीन करोड़ 60 लाख रुपये तक का रहा।
  • गारमेंट कपड़े का कारोबार लगभग तीन करोड़ रुपये तक हुआ।
  • साड़ी व अन्य कपड़ों का व्यापार एक करोड़ 30 लाख रुपये तक हुआ।
  • इलेक्ट्रोनिक वस्तुओं का कारोबार तीन करोड़ रुपये के आसपास रहा। विशेषकर कूलर, एसी व पंखों की खरीददारी हुई।
  • मोबाइल का कारोबार अपेक्षाकृत सामान्य से भी कम रहा।

ये कहना है व्यापारी नेताओं का

  • नगर व्यापार मंडल के प्रधान भानू प्रकाश ने बताया कि दुकानदार व ग्राहक बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं। बिना मास्क के बाजार में आने वालों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। दुकानदार बिना मास्क लगाए ग्राहक को दुकानों में प्रवेश नहीं देते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बाजार में अब दो से तीन करोड़ रुपये तक का कारोबार हो रहा है। सोमवार से बाजार में और तेजी आने की उम्मीद है।
  • भिवानी व्यापार मंडल के प्रधान जेपी कौशिक ने बताया कि पिछले तीन दिनों से ग्राहक व दुकानदार सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते नजर आ रहे हैं। सरकार व प्रशासन की तरफ से कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए जो एडवाइजरी जारी कर रखी है व्यापारी उसका पालन कर रहे हैं। उन्होंने बाजार में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से मुहं पर मास्क या कपड़ा लगाकर आने की अपील की है। साथ ही दुकानदारों से दुकानों में सैनिटाइजर रखने व प्रत्येक ग्राहक को दुकान में प्रवेश देने से पहले सैनिटाइजर से हाथ साफ करवाने को कहा। उन्होंने सभी से सोशल डिस्टेंसिंग की हर हाल में पालना करने का भी आह्वान किया है।

रविवार को असमंजस में दुकानदारों ने खोलीं दुकानें, हलवाइयों में दिखा रोष
बवानी खेड़ा। रविवार को भिवानी मार्केट न खुलने की खबर के कारण बवानी खेड़ा के सभी दुकानदारों में भी कौतूहल की स्थिति दिखाई दी। रविवार को जैसे ही दुकानदारों में सूचना पहुंची की भिवानी के बाजार बंद हैं तो वहीं कस्बा के दुकानदारों के पास ऐसी कोई सूचना न होने के कारण सभी दुकानदार एक-दूसरे के मुंह को ताकते हुए नजर आए। दुकानदार एक दूसरे से पूछते हुए दिखाई दिए कि दुकानें खोलें या नहीं। वहीं धीरे-धीरे पहले की तरह दुकानें खुल गई। हालांकि कस्बा के हलवाइयों में भी इस बात का रोष बना रहा कि जब कस्बा में हेयर सैलून को खुल सकती है तो प्रशासन को उन्हें भी अनुमति देनी चाहिए। क्योंकि उनकी दुकानों में हजारों रुपयों की मिठाइयां सहित अन्य
सामान खराब हो रहा है। हलवाई अपनी दुकान खोल सकते हैं लेकिन वे पैकिंग करके सामान दे सकते हैं, बैठाकर खिला नहीं सकते।
महेश कुमार, एसडीएम भिवानी