पुलिस से बचने के लिए साधु वेश में घर में ही रहता था मोस्टवांटेड चीता

  • 8 माह पहले छोटे भाई के साढू ने अपनी आईडी से दिलाया था किराये पर मकान
  • पुलिस से बचने कोे भाई गगनदीप ने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था

सिरसा. (कुलदीप शर्मा) आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए फंडिग की व्यवस्था करने और हेरोइन की सबसे बड़ी खेप मामले के मोस्टवांटेड आरोपी रणजीत उर्फ चीता को पुलिस ने बेगू रोड के एक मकान से शनिवार तड़के संयुक्त ऑप्रेशन में गिरफ्तार कर लिया है। चीता के साथ उसके छोटे भाई गगनदीप और उसके साढू गुरमीत सिंह निवासी वेदवाला को भी गिरफ्तार किया गया।
वेदवाला गांव के गुरमीत सिंह ने ही चीता और उसके परिवार को सिरसा में ठिकाना तालाश करके दिया था। एनआईए और पंजाब पुलिस की नजर से बचते हुए चीता अपने भाई के साथ 8 महीने पहले सिरसा में आया था। यहां पर छोटे भाई गगनदीप के दूर के साढू गुरमीत सिंह से मिला। गुरमीत सिंह ने चीता की मदद करते हुए पुराना डेरा से आगे वारिस पैलेस के नजदीक एक मकान किराए पर लेकर दिया। यहां पर मकान मालिक को गुरमीत सिंह ने अपनी आईडी दी।
चीता और उसके परिवार को पाक साफ बताते हुए उनकी गारंटी ली। सिरसा के एक वकील ने उन्हें मकान किराए पर दे दिया। खुद को गरीब और दिहाड़ीदार बताते हुए यहां पर चीता दाड़ी बढ़ाकर साधू जैसे भेष में घर के अंदर ही रहता। जबकि भाई गगनदीप ने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था। चीता घर से बाहर नहीं निकलता था। लग्जरी गाड़ियों का शौक रखने वाला चीता यहां पर साधारण इंसान की तरह रहता था। वह बाहर कम ही निकलता था। उसका भाई गगनदीप ही प्रमुख रुप से लोगों के बीच टच में रहता था। यहां पर रणजीत उर्फ चीता की पत्नी, गगनदीप और उसकी पत्नी व रणजीत का पिता रहते थे। एक छोटा बच्चा भी है।

एसपी के नेतृत्व में एनआईए और पंजाब पुलिस सहित सौ जवानों ने की दो मकानों की घेराबंदी

पंजाब के तरनतारन जिला के रहने वाले मोस्टवांटेड रणजीत उर्फ चीता और उसके भाई ने बेगू रोड पर ही वेल्डिंग का कार्य शुरू कर दिया ताकि पुलिस को शक ना हो की ये अपराधी किस्म के लोग है। दोनों ने पुलिस से बचने के लिए सिरसा को ही सुरक्षित माना। इसका एक प्रमुख कारण तो यह था कि यहां बागड़ी के साथ साथ पंजाबी टच के लोग रहते है। इसलिए आसानी से वे यहां घुल मिल सकते थे। शनिवार की सुबह जैसे ही सूचना मिली कि चीता यहां रुका हुआ है। उसके बाद एनआईए ने पंजाब पुलिस और सिरसा पुलिस से संपर्क किया। ऑप्रेशन की रणनीति सिरसा एसपी डॉ. अरूण सिंह ने एनआईए अधिकारी तजेंद्र सिंह के साथ तैयार की। सिरसा एसपी ने खुद ऑप्रेशन को लीड किया। सुबह 4 बजे भारी पुलिसबल के साथ हथियारों से लैस होकर टीमें बेगू रोड पर पहुंची। वहां पर दो मकानों को टारगेट किया गया। पहले मकान में कुछ हाथ नहीं लगा। उसके बाद वारिस पैलेस के पास स्थित मकान को निशाना बनाया। पुलिस ने अंदर घुसने के लिए दो गेट तोड़े। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रह चुके एसपी डॉ. अरूण ने लीड करते हुए अंदर के तीसरे डोर को नोक किया। एनआईए की टीम उनके पीछे रही। उसके बाद सबसे पहले रणजीत सिंह ने ही दरवाजा खोला। तुरंत एसपी ने उसे दबोच लिया। उसके बाद बाकी टीम अंदर घुस गई सभी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस चीता और गगनदीप की पत्नी , बच्चों और पिता को भी अपने साथ पंजाब ले गई है। इस ऑप्रेशन के लिए दोनों राज्यों के करीब 100 जवानों ने घेराबंदी कर रखी थी। एक घंटे में ऑप्रेशन को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया।