तस्कर भूपेंद्र के 3 मोबाइल खोलेंगे राज, चंडीगढ़ सचिवालय में भी आना-जाना

  • तस्कर भूपेंद्र के 3 मोबाइल खोलेंगे राज, चंडीगढ़ सचिवालय में भी आना-जाना
  • खुलासा- जिससे 1 साल पहले शराब पकड़ी, भूपेंद्र के गोदाम में ही रखी

पानीपत. (मनोज कुमार) सोनीपत शराब घोटाले में शराब तस्करी के मामले का सच अब तीन मोबाइल में दर्ज नंबर खोलेंगे। मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के लिए देर रात दो बजे हरियाणा पुलिस की जॉइंट टीम ने उसके चंडीगढ़ स्थित आवास पर दबिश दी। परंतु वह बच निकलने में कामयाब हो गया। हालांकि उसके घर से तीन मोबाइल पुलिस के हाथ लगे हैं। इन मोबाइल नंबरों को अब पुलिस खंगालेगी, जिनसे पता लगेगा कि उसका किन लोगों से संपर्क था। पिछले कुछ दिनों में किस-किस से उसकी बात हुई है। क्योंकि इस मामले में कई बड़े प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह के तार हरियाणा सचिवालय तक जुड़े हुए हैं। सामने आया है कि वह यहां पर अक्सर अधिकारियों और अन्य लोगों से भी मुलाकात किया करता था। इसलिए सरकार की एसआईटी से पहले रोहतक आईजी संदीप खिरवार ने वहां के एसपी राहुल शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर पहले ही जांच शुरू कर दी है। भूपेंद्र सिंह के खिलाफ शराब तस्करी के दो जिलों में 11 मामले दर्ज हैं।

97 लाख नकद व पिस्टल मिली

चंडीगढ़ में भूपेंद्र की गिरफ्तारी के लिए दी गई दबिश के दौरान वहां से 97 लाख रुपए मिले हैं। इसके अलावा 2 पिस्टल मिली है। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस की दबिश रात दो बजे हुई और इससे पहले भूपेंद्र कैसे निकल गया। खुद गृहमंत्री अनिल विज भी यह कह रहे हैं कि यह सोचने वाली बात है।

सोनीपत में पुलिस के साथ आबकारी विभाग का भी गोदाम था। उसमें से भी शराब गायब हुई है। आबकारी विभाग की ओर से अब पुलिस को शिकायत दी गई है। जिसे पुलिस गोदाम के मामले से जुड़ी एफआईआर में ही शामिल कर लिया गया है।

जिससे 1 साल पहले शराब पकड़ी, भूपेंद्र के गोदाम में ही रखी

हरियाणा पुलिस कैसे काम कर रही है, इसका बड़ा उदाहरण शराब घोटाले में ही सामने आया है। सोनीपत जिले की खरखौदा पुलिस की ओर से 6 मई को दर्ज की गई एफआईआर का दैनिक भास्कर ने गहनता अध्ययन किया तो सामने आया कि पुलिस ने जिस गाेदाम में शराब रखी हुई थी, भूपेंद्र सिंह और उसके गांव सिसाना से जुड़े लोगों से बरामद ही शराब थी। यानि पुलिस ने जिससे अवैध शराब पकड़ी, उसी के गोदाम में उसे सुरक्षित समझकर रख दिया। यह गोदाम भूपेंद्र सिंह की माता के नाम है। एफआईआर में लिखा है कि यहां पर 6 मार्च, 2019 को चार जगह से पकड़ी गई शराब रखी हुई थी। जब 6 मार्च को दर्ज एफआईआर नंबर 82 से 85 तक खंगाली तो पूरा चौंकाने वाली बात सामने आई। इनमें दो एफआईआर में तो खुद मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह ही है। जबकि दो अलग-अलग लोगों से शराब पकड़ी लेकिन वे भी सिसाना के ही निकले। ये शराब अलग-अलग मार्का की थी।

एफआईआर नंबर-82: पुलिस को सूचना मिली की भूपेंद्र सिंह मंडिटू चौक खरखौदा के पास एक अवैध रूप से गोदाम बनाकर शराब की तस्करी करता है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने रेड की। यहां कई नेपाली और एक लखनऊ का युवक था। काफी मात्रा में शराब मिली। एफआईआर के अनुसार उन्होंने स्वीकार किया कि भूपेंद्र अवैध शराब की तस्करी करता है। यह एफआईआर इंस्पेक्टर नरेंद्र की शिकायत पर दर्ज हुई।
एफआईआर नंबर-83: पुलिस को सूचना मिली की मंडिटू चौक के बाहारी फिरनी में प्लाट में गोदाम है, जहां से भूपेंद्र शराब की तस्करी करता है।वहां रेड की तो तीन कारें मिली। जिनमें दो दिल्ली और एक हरियाणा नंबर की थी। साथ ही वहां कई लोग मिले और भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। यह एफआईआर इंस्पेक्टर रामपाल की शिकायत पर दर्ज है।

एफआईआर नंबर-84: पुलिस ने सूचना के अनुसा सिसाना-2 में एक घर पर छापा मारा। यह घर कविंद्र का है। यहां पर काफी मात्रा में शराब मिली। लेकिन यहां कोई नहीं था। एफआईआर में लिखा गया है कि शराब जालसाजी करके बनाई गई। यह केस इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ।
एफआईआर नंबर-85: इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह की शिकायत पर दर्ज इस एफआईआर के अनुसार पुलिस ने गांव फूलगढ़ सिसाना में रेड की थी। यह रेड दीपक के घर हुई। वहां एक ट्रक में काफी मात्रा में शराब मिली। मौके पर घर में कोई नहीं था।

ऐसे पकड़ में आया घोटाला
6 मई को डीएसपी हरिंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस जवान और आबकारी विभाग के अधिकारी गोदाम में यहां रखी शराब को चेक करने पहुंचे थे। यहां पर सिसाना का नवीन भी था। यहां टीम ने देखा कि एक दस टायर का ट्रक खड़ा है। जब उसे देखा तो पुलिस टीम हैरत में पड़ गई। क्योंकि उसमें प्याज के पीछे काफी मात्रा में शराब रखी थी, जो अवैध रूप से लाई गई थी। जो तस्करी के लिए आगे सप्लाई की जानी थी। जबकि यहां पर पुलिस भी तैनात की हुई थी। इसे लेकर पुलिस ने भूपेंद्र संह, जितेंद्र, सतीश, संदीप निवासी सिसाना के खिलाफ एफआई दर्ज की है। भूपेंद्र के खिलाफ शराब तस्करी के 11, जितेंद्र के खिलाफ 6 और सतीश के खिलाफ 8 केस पहले से ही दर्ज हैं।

शराब तस्करी के इस मामले में गहनता से जांच की जा रही है। कोई भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। भूपेंद्र को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में रेड की गई थी। लेकिन वह वहां से पहले ही निकल गया। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।-अनिल विज, गृह मंत्री