कोविड-19 के बाद वैश्विक स्तर पर पैदा होंगी चुनौतियां, बदलाव व अवसर: डॉ.सुधीर

भिवानी. कोविड 19 महामारी ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। यह दौर प्रत्येक क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इस वैश्विक महामारी के बाद वैश्विक स्तर पर बड़े स्तर राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक बदलावों के साथ चुनौतियां एवं नए अवसर देखने को मिलेंगे। ये विचार दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रो. सुधीर सिंह ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय एवं भारतीय शिक्षण मंडल नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में कोविड-19 के बाद वैश्विक स्तर राजनीतिक एवं शक्ति गतिशिलता: भारत के लिए चुनौतियां एवं अवसर विषय पर आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व की प्रमुख शक्तियों एवं विकसित देशों को हिलाकर रख दिया है। इस दौर में भारत की साख एवं स्थिति को संपूर्ण विश्व में सराहा गया है।
भारतीय संस्कृति के साथ हमारे प्रयासों का पूरा विश्व अनुकरण कर रहा है। भारत प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा और विश्व का नेतृत्व करेगा। भारतीय शिक्षण मंडल के सह प्रमुख एकेडेमिक सेल एवं राष्ट्रीय सेमिनार के सह संयोजक डॉ. अमित दशौरा ने भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा संचालित आयामों एवं विस्तृत विचार रखे। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आरके मित्तल ने करते हुए कहा कि इस महामारी के बाद ग्लोबल पॉलीटिकल सिस्टम में नये बदलाव होंगे। उन्होंने कहा कि इस दौर में पूरे विश्व में अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है जिससे उभर पाना विश्व के संपूर्ण देशों के लिए बड़ी चुनौती होगा। उन्होंने कहा कि भारत देश के लिए भी चुनौतियां होंगी परंतु आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के अपार अवसर भी होंगे। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से उभरेगी और भारतीय विदेश नीति के बेहतर एवं सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। सेमिनार में चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज, इग्नू विवि के प्रो.डी गोपाल, कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रो. त्रिदीप चक्रवर्ती, आईआईएफटी कलकत्ता के डॉ. देबाशीष, दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. निर्मल जिंदल, उमाशंकर पचौरी, प्रो.साबू थामस केरल, डॉ.गुरू पंडिता कर्नाटक, डॉ.अराधना सिंह केंद्रीय विवि हिमाचल प्रदेश सहित अनेक विद्वानों ने विचार एवं सुझाव रखे।