अनिल विज बोले- एसआईटी में किस आईएएस को चुनना है सीएम तय करेंगे, आखिर सीएम ही सुप्रीम होता है 

  • शराब घोटाले की जांच के लिए तीन आईएएस का नाम भेजा है विज ने
  • विज ने कहा कि सीएम तय करेंगे कि इनमें से आईएएस चुनना है या कोई दूसरा

अम्बाला. सोनीपत में सरकार द्वारा पकड़ी गई शराब की 5500 पेटियां गायब हो जाने के मामले में गृहमन्त्री अनिल विज ने कहा कि यह जो शराब चोरी का मामला है यह एक बहुत बड़ा मामला है। उसकी जड़ें बहुत गहरी नजर आती हैं। कौन-कौन उसके साथ जुड़ा हुआ था, कहां-कहां शराब जाते थी, कहां से आती थी, किस प्रदेश से आती थी और कौन-कौन से अधिकारी उसमें शामिल हैं, ऐसे बहुत सारे सवालों की गहराई से जांच होने की आवश्यकता है।

विज ने कहा कि इसके लिए उन्होंने एसआईटी बनाने का अनुरोध किया है जिसमें पुलिस विभाग से एडीजीपी रैंक के सुभाष यादव, एक्साइज विभाग से एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर विजय सिंह और तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम दिए हैं जिनमे अशोक खेमका, संजीव कौशल और टीसी गुप्ता का नाम मुख्यमंत्री को भेजा है। विज ने कहा कि ये फैसला अब मुख्यमंत्री को लेना है कि इनमें से किसी एक के नाम पर या किसी अन्य नाम पर क्योंकि मुख्यमंत्री सुप्रीम होते हैं वह जिस भी नाम को चाहेंगे वह ले सकते हैं। जिसके बाद एसआईटी काम करेगी और इस मसले की गहराई तक जाएगी।

राहुल गांधी पर विज का तंज
अनिल विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर उन्हें आड़े हाथों लिया है जिसमें राहुल ने पीएम केयर्स फंड में आए पैसे की ऑडिट की मांग की है। विज ने राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी कोविड-19 के खिलाफ जो युद्ध चल रहा है उसमें हर प्रकार से रुकावट पैदा करना चाहते हैं। इसलिए इस युद्ध की स्थिति में भी इस प्रकार के बयान दे रहे हैं।

अनिल विज ने कहा कि जब युद्ध चल रहा होता है तब कभी कोई ऑडिट नहीं होता, युद्ध के समाप्त होने के बाद ही ऑडिट होता है। हर चीज पारदर्शी है और हर चीज जनता के सामने जाएगी लेकिन यह समय इस प्रकार की मांग करने का नहीं है। विज ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यकीनी तौर पर राहुल गांधी की मंशा ठीक नहीं है और वह कोविड-19 की लड़ाई को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।