7 दिनों में 100 ट्रेनें, 5000 बसों से गृह राज्यों में भेजे जाएंगे श्रमिक

  • लाखों श्रमिकों ने मूल राज्यों में जाने के लिए किया है आवेदन
  • बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश जाएंगे श्रमिक
  • हरियाणा से 13 हजार से ज्यादा मजदूर लौट चुके यूपी

पानीपत. राज्य सरकार द्वारा घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को अगले सात दिनों में 100 रेलगाड़ियों व 5000 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में निशुल्क पहुंचाया जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाड़ियों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लिए 100 विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल-प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में 5000 बसों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जाएगा। सीएम मनोहर लाल की हर प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से मुफत भेजने के लिए की गई घोषणा के उपरांत अब तक 23452 ऐसे प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न रेलगाड़ियों व बसों के माध्यम से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है। अब तक राज्य से 13347 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, उत्तराखंड राज्य के 3133 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, वहीं, 3593 प्रवासी मजदूरों को बिहार भेजा गया है। 2549 प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश, 435 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 221 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 54 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 46 प्रवासी मजदूरों को केरल, 32 प्रवासी मजदूरों को असम, 23 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र और 19 प्रवासी मजदूरों को गुजरात पहुंचाया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार महज छह दिन में हरियाणा से करीब आठ लाख लोगों ने अपने राज्यों को लौटने के लिए पंजीकरण कराया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पिछले रविवार को उन लोगों का पंजीकरण शुरू किया था जो लॉकडाउन के चलते अपने राज्यों को लौटना चाहते हैं। शुक्रवार दोपहर तक सरकार की इस साइट पर 7 लाख 95 हजार 465 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें करीब 82.55 फीसदी यूपी व बिहार राज्यों के हैं, जबकि अन्य मध्यप्रदेश, झारखंड व तामिलनाडु के हैं। हरियाणा से पलायन करने वालों में 81.9 फीसदी व्यक्ति पानीपत, सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, झज्जर, यमुनानगर और रेवाड़ी जिलों से संबंधित हैं। दूसरी ओर हरियाणा आने के लिए करीब डेढ़ लाख ने पंजीकरण कराया है।