हेल्थ अधिकारियों में क्या करें और क्या न काे लेकर मंथन जारी

हिसार. कोविड-19 डिस्चार्ज की नई गाइडलाइन ने हेल्थ अफसरों को दुविधा में डाल दिया है। इसको लेकर मंथन चल रहा है कि क्या करें और क्या नहीं। क्योंकि संक्रमण पर नियंत्रण प्राथमिकता है, जिसमें कोताही के भयावह परिणाम देखने पड़ सकते हैं। नई गाइडलाइन में मरीज के स्वस्थ होने यानी लक्षण खत्म होने बाद टेस्टिंग की जरूरत नहीं है। जबकि लक्षण और बिना लक्षण वाले भी कोरोना पॉजिटिव रोगी सामने आ चुके हैं। दरअसल, नई गाइडलाइन में मरीजों को तीन कैटेगिरी में बांटा है। पहला हल्के लक्षण वाले। इसमें मरीज को 10 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिलेगी अगर 3 दिन से बुखार न आया हो। इस दौरान टेस्ट की जरूरत नहीं होगी। हालांकि 7 दिन तक होम आइसोलेट रहना होगा। अगर बुखार आता है तो अस्पताल में रहना पड़ेगा। दूसरा औसत लक्षण वाले। इसमें रोगी का 3 दिन में बुखार उतर जाए तो 10 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। इस दौरान सांस लेने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर दिक्कत हुई तो छुट्टी नहीं मिलेगी। मरीज को ऑक्सीजन बेड वाले सेंटर में भेजा जाएगा। 3 दिन तक बुखार नहीं उतरता तो लक्षण खत्म होने पर छुट्टी मिलेगी। इन रोगियों की सैंपल टेस्टिंग जरूरी नहीं होगी। तीसरा गंभीर लक्षण वाले। अस्पताल में दाखिल मरीज के पूरी तरह ठीक होने के बाद सैंपल जांच होगी। डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. जया गोयल ने बताया कि कोविड-19 डिस्चार्ज की नई गाइडलाइन आई है।