हरिहर माइनिंग कंपनी के प्राेपराइटर व अन्य के खिलाफ किया धोखाधड़ी का मामला दर्ज

  • एसडीएम ने जांच की तो प्रोपराइटरों द्वारा प्रस्तुत किए एग्रीमेंट पर मिले फर्जी हस्ताक्षर

बाढड़ा. पुलिस ने एसडीएम की जांच की रिपोर्ट के आधार पर माईकलां के पहाड़ों में कार्यरत हरिहर माइनिंग कंपनी के प्रोपराइटर व अन्य के खिलाफ एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने राकेश की शिकायत पर दर्ज किए मामले में लिखा है कि एसडीएम बाढड़ा द्वारा की गई जांच में प्रस्तुत की गई एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट के साथ सरपंच माईकलां व सरपंच माइखुर्द ने कंपनी के प्रोपराइटरों द्वारा प्रस्तुत किए एग्रीमेंट पर फर्जी हस्ताक्षर पाए गए है। कंपनी के प्रोपराइटर एग्रीमेंट के कोई पुख्ता सबूत नही पेश कर पाए। फर्जी एग्रीमेंट के कारण माईकलां व माइखुर्द ग्राम पंचायतों की समय पर अदायगी नहीं की गई। इससे दोनों ग्राम पंचायतों को एक करोड़ 61 लाख 20 हजार 902 रुपये की वित्तीय हानि हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोप सिद्ध होते है।

जानिए… क्या है मामला

चांदवास गांव के आरटीआई एक्टविष्ट राकेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को जुलाई 2019 में जिले की कुछ खनन कंपनियों द्वारा ग्राम पंचायतों को मुआवजा क्षतिपूर्ति न देने का आरोप लगाकर शिकायत की थी जिसे पुलिस अधीक्षक ने उपरोक्त शिकायत को उपायुक्त को भेजकर मामले की जांच करवाने की बात कही थी जिस पर उपायुक्त ने जांच का जिम्मा एसडीएम डाॅ. विरेन्द्र सिंह को सौंपा था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को भेजकर जिले में कार्यरत 8 माइनिंग कंपनियों पर ग्राम पंचायतों का 16 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि बकाया बताया था तथा हरिहर खनन कंपनी के एग्रीमेंट को फर्जी करार दिया था।

पुलिस ने शिकायत व जांच रिपोर्ट के आधार पर हरिहर माइनिंग कंपनी के प्रोपराइटर सुनील व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।'' -वीरसिंह, थाना प्रभारी।