स्पेशल ट्रेन से प्रवासी श्रमिक घर को रवाना, प्रशासन ने खाना और बच्चों को चॉकलेट-टॉफियां दीं

  • पूरी प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का किया पालन

चरखी. सरकार की पहल पर जिला प्रशासन अब तक लगभग 200 श्रमिकों एवं प्रवासी नागरिकों को सकुशल उत्तरप्रदेश और बिहार राज्यों में भेज चुका है। बस और वाया ट्रेन अपने घरों तक पहुंच रहे ये मजदूर सरकार एवं प्रशासन की इस कार्रवाई से काफी प्रसन्न एवं संतुष्ट दिखाई दिए। जिले के विभिन्न गांवों और शहर में लावणी, खनन कार्य, भवन निर्माण, छोटे कारखानों के कामगार और रेहड़ी आदि लगाकर आजीविका कमाने वाले प्रवासी मजदूर प्रशासन के सहयोग से नि:शुल्क अपने गृहनगरों को लौट रहे हैं।
जिले के सरपंच और नगर पार्षदों के सहयोग से इन श्रमिकों का सरल पोर्टल पर पंजीकरण करवाया जा रहा है। पंजीकरण होने के बाद इनको प्रशासन का संदेश भिजवाया जाता है कि उन्हें कहां और किस समय एकत्रित होना है। इसके लिए उन्हें बस भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

एससीआर स्कूल में होते एकत्रित

जनप्रतिनिधियों, पंचायत विभाग के ग्राम सचिव और नगर परिषद कर्मियों को साथ लेकर इनको गांव चरखी स्थित एससीआर स्कूल में बुलाया जाता है। एसडीएम डाॅ. विरेंद्र सिंह की निगरानी में इन श्रमिकों को बसों के माध्यम से रोहतक के रेलवे स्टेशन या उनके घर तक भेजा जाता है।

प्रशासन की ओर से व्यवस्था होने पर बस में बैठकर अपनों के पास सकुशल वापस चले जाएंगे प्रवासी श्रमिक

  • बिहार के जिला खगड़िया निवासी बसराज सिंह ने बताया कि हालात इस कदर विकट हो जाएंगे, ऐसा उनको आभास भी नहीं था। लेकिन अब प्रशासन की ओर से व्यवस्था होने पर उन्हें खुशी है।
  • जिला नवादा बिहार के रहने वाले छात्र महेश कुमार ने बताया कि वह तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान गांव छपार में मैकेनिकल ट्रेड की पढ़ाई पिछले तीन साल से कर रहा है। प्रवासी मजदूरों के लिए उठाए कदम को सराहनीय बताया है।
  • बिहार के ही लखीसराय निवासी नितिश कुमार ने बताया कि प्रशासन ने उनके लिए बस एवं रेल के सफर की व्यवस्था करवाई है। वे एक रात एससीआर स्कूल में रूककर सुबह यहां से अंबाला रेलवे स्टेशन को रवाना होंगे।

कमेटी ने संभाला कार्य

उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने बताया कि जिला के दादरी, बाढड़ा, बौंद व झोझू खंड के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई गई हैं, जो प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के कार्य को संभाल रही हैं। एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह इस कार्य के नोडल इंचार्ज है। प्रशासन की ओर से इन मजदूरों को आसपास के जिलों में परिवहन विभाग की बस से भेजा जाता है। दादरी से रेलवे स्टेशनों तक भी इन श्रमिकों को बस में शारीरिक दूरी से बैठाकर भेजा जाता है। घर भेजने से पहले इनकी थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अपने घरों को जाने के इच्छुक सभी श्रमिकों को बारी-बारी से भेजा जाएगा।