श्रमिकों को घर भेजने का फैसला गलत : सिंगला

  • राइस मिलर एसोसिएशन बोली-ऐसे तो उद्योग पर तालाबंदी की नौबत आएगी

कुरुक्षेत्र. हरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने कहा कि सरकार की ओर से श्रमिकों को घर भेजने का फैसला किसी तरह भी उचित नहीं है। राइस मिलर एसोसिएशन सरकार को इसपर पुनर्विचार करने का आग्रह करती है। ज्वैल सिंगला ने कहा कि अगर श्रमिक वापस चले गए तो प्रदेश के सभी उद्योग धंधे बंद हो जाएगा। मजबूरन मिलर को बाकी कर्मचारियों को भी काम से हटाना पड़ेगा। वह कर्मचारी भी बेरोजगार हो जाएगा। इस समय उद्योगपति लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहा है। सरकार श्रमिकों का घर भेजने की बजाए उनको काम दिलवाए। जिला उद्योग केन्द्र को आदेश दे कि श्रमिकों को कार्य व खाना मिलना सुनिश्चित करे।
दूसरे प्रदेशों से आने वालों को देे सुविधा : कहा कि जो श्रमिक अपने प्रदेश से इधर आना चाहता है उनको ट्रेनों में सहूलियत के साथ फ्री आने का बंदोबस्त किया जाए। श्रमिक अपने प्रदेश से दूसरे प्रदेशों में काम धंधे की तालाश मे जाता है। वहां मेहनत करके अपना व अपने परिवार का पेट पालता है। घर वापसी पर जहां श्रमिक के लिए आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा वहीं दूसरी ओर श्रमिक के जाने से यहां के उद्योग धंधे बंद हो जाएंगे। प्रदेश के राजस्व में भारी घटोतरी होगी। ऐसे आवागमन से कोरोना महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। आज श्रमिकों के साथ बात करके उन्हें समझा बुझा कर उनका हौसला बढ़ाने की जरूरत है। उनको घर भेजना समस्या का समाधान कतई नहीं है। एक बार जो श्रमिक घर चला जाएगा उसका शीघ्र दोबारा आना संभव नहीं है अपने घर पर बिना रोजगार के भुखमरी का शिकार हो जाएगा। आज पूरे भारत में खाद्यान्न पहुंचाना एक अहम मुद्दा है। खाद्यान्न से जुड़े उद्योग, बिना श्रमिकों के नहीं चल सकते। सतविंद्र काला, प्रमोद धवन आदि ने कहा कि कि अगर समय रहते इस समस्या की ओर ध्यान न दिया तो कल स्थिति गंभीर हो सकती है। गगन सिंह, दीपक सिंगला आदि ने कहा कि श्रमिकों को समझा बुझा करा यहां रोका जा सकता है ।