श्रमिकों के चले जाने से मेटल उद्योग चलाने में आ रही उद्यमियों को दिक्कत

  • जगाधरी मेटल मेन्यूफेक्चरिंग एंड सप्लायर एसोसिएशन ने की डीसी से मुलाकात

जगाधरी. कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लॉकडाउन किया गया। इस दौरान काफी श्रमिक अपने घरों को चले गए। इस कारण मेटल इंडस्ट्री शुरू करने में दिक्कत हो रही है। समस्याओं से अवगत कराने के लिए शुक्रवार को जगाधरी मेटल मेन्यूफेक्चरिंग एंड सप्लायर एसोसिएशन ने डीसी मुकुल कुमार से मुलाकात की। उनसे मांग की है कि मेटल चल सके। इसके लिए थोड़ी रियायत सरकार के माध्यम से दिलाई जाए जिससे कारोबारी अपने काम शुरू कर सकें। डीसी ने उनकी मांग को सरकार के समक्ष रखने का भरोसा दिया।
एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि वर्कपैलेस में सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की है। ये कठिन है। इनका पालन करना आसान नहीं है। इस समय व्यापारिक गतिविधि काफी समय से बंद है। मजूदर, कारीगर, कामकाज छोड़ चुके हैं। कई दूसरे कार्यों में लग गए। इस समय सबसे बड़ी दिक्कत श्रमिकों की है। उन्हें काम पर कैसे वापस लाया जाए। उनकी सरकार से मांग है कि छोटे कारोबारियों पर सरकार ध्यान दे जिससे इनको सहायता मिल सके। सरकार की सहायता डूबते मेटल उद्योग के लिए कारगर साबित होगी। बिजली बिल के बारे में फिक्स चार्ज समाप्त कर दो। उपभोक्ता से बिजली खपत के हिसाब से बिल लिया जाए। कमाई का साधन नहीं है। लॉकडाउन के पीरियड में सरकार ब्याज, जुर्माना माफ किया जाए। इस समय कारखाने खोलने का औचित्य नहीं बनता। कच्चा व तैयार माल की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। जब तक शुरू नहीं होती कोई माल बाहर नहीं जा पाएगा। दिल्ली, यूपी, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़, हिमाचल सभी बाॅर्डर सील हैं। किसी प्रकार का व्यापार संभव नहीं है।