लॉकडाउन में सरकार भेज रही ज्यादा राशन, डिपो होल्डर कम बांटकर हड़प रहे

  • बरोट में कार्डधारक को 70 किलोग्राम गेहूं की जगह दिए 40 किलोग्राम और 5 किलो बाजरा दे रहे

कैथल. कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को घरों में ही रहना चाहिए। सरकार इसके लिए जरूरतमंद लोगों के घरों तक राशन पहुंचा रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण राशन प्रणाली के तहत डिपुओं के माध्यम से जहां राशन वितरण किया जा रहा है।
 वहीं कुछ डिपू होल्डरों पर आरोप है कि वे धारकों के लिए आए राशन में कुछ गड़बड़ी कर हड़प रहे हैं। शनिवार को बरोट गांव में कुछ ग्रामीणों ने डिपू होल्डर पर राशन कम देने के आरोप लगाते हुए रोष जताया।
 बरोट गांव के कार्ड धारक नारायण दत्त, सतबीर प्रजापत, रामा वाल्मीकि, बलकार, भतेरी, कृष्णा, संतरो, आदि ने बताया कि प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं मिलता है। कार्ड धारक नारायण दत्त ने बताया कि सरकार ने इस बार डबल राशन दिया है।
 अब 30 की बजाय मुझे 60 किलोग्राम गेहूं मिलना था लेकिन उन्होंने 55 किलो गेहूं व साथ में पांच किलो बाजरा दिया। उपभोक्ता महिला इंदो ने बताया कि उसका बीपीएल कार्ड है और उसे हर माह 35 किलो गेहूं मिलता था। इस बार उसे 70 किलोग्राम मिलना था लेकिन डिपू होल्डर ने उसे 40 किलोग्राम ही दिया है और साथ में पांच किलो बाजरा दिया है।
 वहीं डिपू होल्डर जितेंद्र सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि वे नियमानुसार जिस भी कार्ड धारक को जितना राशन मिलना चाहिए वे उसे वितरित कर रहे हैं। बाजरा का कुछ स्टॉक पहले बचा था जिसे उपभोक्ताओं की सहमति लेकर दिया जा रहा है।

एपीएल को कोई राशन नहीं मिल रहा, लेकिन कुछ परिवार चिह्नित किए जा रहे हैं। एएवाई को पहले 35 किलो प्रति कार्ड मिलता था। बीपीएल को 5 किलो प्रति यूनिट, ओपीएच खाकी कार्ड वालों को 5 किलो प्रति मेंबर मिलता है। अब प्रधानमंत्री योजना के तहत तीनों टाइप के कार्ड धारकों को प्रति मेंबर 5 किलो ग्राम गेहूं एक्सट्रा दिया जा रहा है। कुछ डिपुओं पर बाजरा का स्टाक शेष था, जिस पर कुछ उपभोक्ताओं को पांच पांच किलो दिया जा रहा है। बरोट में अगर वितरण में कोई गड़बड़ी है तो वे जांच करेंगे। गड़बड़ी मिली तो अवश्य ही कार्रवाई होगी।-वरिंद्र कुमार, डीएफएससी, कैथल।