रानियां खंड में गंगा विसर्जन की इंतजार में अस्थियां

रानियां. कोविड-19 में लॉकडाउन के चलते जहां आम लोगों के जनजीवन पर असर पड़ा है ।वहीं रानियां के श्मशान घाट में दाह संस्कार किए गए मुर्दों की अस्थियां रानियां के श्मशान घाट में रखी गई है जिन्हें गंगा में विसर्जित किए जाने की इंतजार है। दरअसल रानियां शहर के श्मशान घाट यानि शिवपुरी में मृतकों को दफ ना कर उनकी अस्थियां उनके परिजन एकत्रित करके गंगा में विसर्जित करते रहे हैं लेकिन 20 मार्च के बाद पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान उत्तरप्रदेश के हरिद्वार स्थित गंगा नदी तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है इसलिए इस दौरान होने वाली मौत और उन्हें दफ नाए जाने के बाद वंचित अस्थियों की पोटली श्मशान घाट में बने कमरे के लॉकर में रखी जा रही है। इस बारे में शिवपुरी के इंचार्ज हैप्पी सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लगभग दो दर्जन लोगों की मौत हुई हैं ओर संस्कार के बाद उनकी अस्थियां लॉकर में सुरक्षित रखी गई है जिन पर नाम अंकित करके जमा की गई है। लॉकडाउन खुलने के बाद मृतकों के परिजन अस्थितियों की पोटलियां लेकर हरिद्वार व गढग़ंगा में विसर्जित करने के लिए रवाना होंगे। सभी लोगों को लॉकडाउन खुलने का बेसब्री से इंतजार है।
मृतकों के परिजनों ने बताया कि वे दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उनकी अस्थितियों को गंगा में विसर्जित करते हैं ताकि उन्हें आत्मिक शांति मिल सके लेकिन जब तक मृतक परिजनों की अस्थियां गंगा में विसर्जित नहीं करते हैं तब तक वे उनकी आत्मिक शांति के लिए पाठपूजा व दान दक्षिणा कर रहे हैं।