बहादुरगढ़ में 18 लोगों की अस्थियों को अब मिली विसर्जन की अनुमति

  • उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट का फैसला, तीन लोग जा सकेंगे हरिद्वार

बहादुरगढ़. उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट फैसले में त्रिवेंद्र सरकार ने लॉकडाउन के बीच अंत्येष्टि के बाद हरिद्वार अस्थि विसर्जन करने की अनुमति दे दी है। बहादुरगढ़ में श्मशान घाट में 12 लोगों की व छह लोगों की घर पर अस्थियां पड़ी हैं जो हरिद्वार विसर्जन के लिए नहीं जा पा रहे थे अब उन्हें अाज्ञा मिलने लगेगी। इसके साथ साथ चौपहिया वाहन में ड्राइवर समेत तीन लोग अस्थि विसर्जन के लिए जा सकंेगे। इस फैसले से हरिद्वार में गंगा नदी में परिजन की अस्थि विसर्जन के इच्छुक लोगों को बड़ी राहत मिली है। उतराखंड सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि सामाजिक और धार्मिक संगठन अस्थि विसर्जन की लिए रियायत देने की मांग कर रहे थे। सरकार ने व्यावहारिकता को देखते हुए अनुमति दे दी है। दूसरे राज्यों से हरिद्वार आने वाले लोगों को अपनी सरकार से इजाजत लेनी होगी। सरकार की हरी झंडी के बाद ही उन्हें उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश दिया जाएगा।

लाॅकडाउन की वजह से राज्य की सीमाएं हैं बंद
रामबाग श्मशान सुधार समिति के प्रधान सतीश नंबरदार ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से राज्य की सीमाएं बंद हैं। सभी परिवारों के परिजनों की यहां व घर पर अस्थियां पड़ी है उन्हें अस्थियों का विसर्जन करने की इजाजत मिल जएगी। इसी तरह से मोक्ष सेवा समिति के प्रधान सुरेंद्र चुघ ने बताया कि काफी संख्या में लोग हरिद्वार के कनखल में अस्थियों का विसर्जन करते हैं, तो कुछ लोग गढ़ मुक्तेश्वर में। अब जैसे उत्तराखंड सरकार ने अस्थियों का विसर्जन करने की इजाजत दी है उस हिसाब से अब स्थानीय प्रशासन को भी इजाजत दे देनी चाहिए।