प्रोटोकॉल के तहत हुडा सेक्टर कंटेनमेंट व निकटवर्ती क्षेत्र बफर जोन घोषित, रिपोर्ट की पहचान छुपाने पर मुकदमा दर्ज

नारनौल. हुडा सेक्टर स्थित हाउसिंग बोर्ड फ्लैट्स में दो कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत उस एरिया को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है तथा उसके निकटवर्ती क्षेत्रों को बफर जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके चारों तरफ नाके लगा दिए गए हैं। कंटोनमेंट जोन में आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी।
डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि यह इसलिए किया गया है ताकि आसपास के क्षेत्र में इसके प्रसार को रोका जा सके। कंटोनमेंट जोन के अंदर आने वाले सभी घरों के प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण होगी। सिविल सर्जन की देखरेख में सभी टीमें डोर-टू-डोर अभियान चलाएंगी। इस काम में लगे सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण पीपीई और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। कंटोनमेंट तथा बफर जोन के पूरे क्षेत्र में स्वच्छता के लिए लगे कर्मचारियों को नगर परिषद की ओर से सुरक्षात्मक उपकरण अर्थात चेहरे के मुखौटे, दस्ताने, टोपी, सैनिटाइजर, जूते उपलब्ध करवाए जाएंगे और साथ ही सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। कंटोनमेंट जोन के साथ बफर जोन की भी आवश्यक बैरिकेडिंग की गई है। बिजली निगम के अधिकारी कंटोनमेंट व बफर जोन में नियमित बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सभी आवश्यक वस्तुओं की दरों की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। नारनौल के एसडीएम मनीष फोगाट कंटोनमेंट और बफर जोन में इन सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इस मामले में अगर कोई अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे जिला प्रशासन का सहयोग करें। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत इस इलाके को सील किया गया है। ऐसे में नागरिक सहनशीलता व सावधानी बरतें। साथ ही जिले के सभी नागरिक घरों से आवश्यक कार्य होने पर ही निकलें। शाम 7 से लेकर सुबह 7 बजे तक घरों से निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है। इसका पालन करें।

2 जवानों के संक्रमण हाेने की पुष्टि हुई
दिल्ली आरपीएफ के तीन जवानों व उसमें से एक के ससुर के खिलाफ पुलिस ने खिलाफ गुरुवार देर शाम तथ्य छुपाने पर शहर थाने में धारा 269, 270 तथा 188 के तहत केस दर्ज किया है। गुरुवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली आरपीएफ में नौकरी करने वाले 2 जवानों को संक्रमण होने की पुष्टि हुई हैं। इस खबर के बाद जब पुलिस विभाग ने तथ्य एकत्र किए तो पता चला कि एक संक्रमित आरोपी के ससुर का इनसे संपर्क रहा था। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। फिर इन तीनों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया तो इनसे फिर पूछताछ की गई कि दिल्ली से चलने के बाद कहां से आये और रास्ते में किस-किस से मिले। उनका कहना था कि रास्ते में कहीं नहीं रुके ओर जहां भी पुलिस का नाका मिला, वहां इन्होंने दूर से ही अपना मूवमेंट पास दिखाया। ये तीनों रात 8 बजे हुडा कॉलोनी में आकर एक फ्लैट में रुके थे। यह फ्लैट उनमें से एक संक्रमित जवान के ससुर का है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि जब 6 मई को इन सभी को ये पता चल गया था कि दिल्ली में कोरोना टेस्ट के लिए जो खून का सैंपल ये देकर आये थे, उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट इनकी मेल आईडी पर आ गई थी तो इन्होंने उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से छिपाकर रखी। इसे 7 मई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्ती से पूछने पर बताया। इसलिए एसपी सुलोचना गजराज ने मामले में संज्ञान लेते हुए इन चारों व्यक्तियों पर कोरोना से संक्रमित होने के बाद तथ्यों को छिपाकर महामारी फैलाने के खतरे को उत्पन्न करने व सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर मुकदमा दर्ज कराया है।