प्रदेश के 97 कॉलेजों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को 3 महीने से नहीं मिला वेतन

अम्बाला. प्रदेश के 97 एडिड कॉलेजों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की सैलरी गत 3 महीनों से नहीं मिली है। इन कॉलेजों में करीब 1200 गैर-शिक्षक वर्ग के कर्मचारी और शिक्षक वर्ग से 2200 कर्मचारी कार्यरत हैं। हरियाणा प्राइवेट कॉलेज एंप्लाइज यूनियन के उप प्रधान राम कुमार व हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान राजबीर सिंह ने इस संबंध में ऑनलाइन मीटिंग की। दोनों यूनियन के मुताबिक उच्चत्तर शिक्षा विभाग की तरफ से एडिड कॉलेजों को पिछले 3 महीने से अनुदान राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
इसके चलते कॉलेज में कार्यरत टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की गत 3 महीने की सैलरी नहीं मिली आई है। वहीं, यूनियन के महासचिव सोहनलाल ने बताया कि शिक्षा निदेशालय पूरे वर्ष का बजट न बनाकर केवल तिमाही बजट बनाकर वित्त विभाग को भेजता है। इससे कई बार फाइल वित्त विभाग में लंबे समय तक पास नहीं होती। इसलिए तीन महीने के स्थान पर पूरे साल का बजट बनाया जाए।
दोनों यूनियन की मांगें
सैलरी बजट तैयार करते हुए एक ही हेड का बजट तैयार किया जाता है, जबकि सैलरी के लिए अलग बजट होना चाहिए। साथ ही ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट तथा सैलरी एरियर के लिए अलग से हेड बजट पास होना चाहिए। प्रत्येक जिले के अलग-अलग कॉलेज के कर्मचारी पंचकूला स्थित मुख्यालय में आकर अपने सैलरी बिल पास करवाते हैं। लेकिन मौजूदा समय में लॉकडाउन के चलते पंचकूला मुख्यालय पहुंचने में कठिनाई है। इसके अलावा रजिस्ट्रार एजुकेशन जो कॉलेजों के सैलरी बिल पास करने के लिए अथॉरिटी है। वह भी कार्यालय में उपस्थित नहीं है। इसलिए हमारी प्रदेश सरकार से व शिक्षा विभाग के महानिदेशक से मांग है कि सैलरी बिल पास करने के लिए अन्य अथॉरिटी को पावर दी जाए।