पार्किंग को लेकर भाजपा नेता की दबंगई, पहले पुलिस से हुई बहस, एसडीएस से नेता बोले-भाजपा का महामंत्री हूं, याद रखना

  • भाजपा नेता की हॉट-टॉक का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

हांसी. पार्किंग में गाड़ी खड़ी न करनी पड़े इसको लेकर दोपहर करीब 1.30 बजे भाजपा जिला महामंत्री सुजीत कुमार की पहले पुलिस कर्मचारियों से तीखी बहस हुई। फिर एसडीएम से जमकर हॉटटॉक। महामंत्री ने एसडीएम से उनका नाम पूछते हुए देख लेने और याद रखने की धमकी दे डाली। यहां तक कहा कि विधायक और डीसी से बात करवाऊं। जवाब में एसडीएम ने कहा कि धमकी देने की जरूरत नहीं है। कई तरह के बयान भी बदले, पहले शहर की व्यवस्था देखने, फिर राशन वितरण कराने, बरवाला जाने की बात कही। बाद में एसडीएम ने गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करा दिया। एसडीएम और भाजपा नेता की हॉट टॉक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर देररात वायरल होता रहा।
लॉकडाउन में दी गई छूट के दौरान बाजारों में भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने बैरियर लगा रखे हैं। बैरियर पर वाहनों को रोककर पार्किंग में खड़ा कराया जा रहा है। पुलिस ने अंबेडकर चौक पर बैरियर पर भाजपा के जिला महामंत्री सुजीत कुमार की गाड़ी को रोक लिया। उन्हें गाड़ी पार्किंग में खड़ी करने के लिए कहा। भाजपा नेता सुजीत कुमार अंबेडकर चौक से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर कोटा क्लासेज के नाम से कोचिंग सेंटर चलाते हैं। दोपहर को वह अपने सेंटर पर जा रहे थे। उन्होंने गाड़ी पार्किंग में रोकने से इनकार कर दिया। पुलिस से बहस के दौरान सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। यह देखकर सड़क से गुजर रहे एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत रुक गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से माजरा पूछा। पुलिस से जानकारी लेने के बाद एसडीएम ने सुजीत कुमार से बात की।
इस तरह हुई भाजपा नेता और एसडीएम के बीच वार्तालाप

एसडीएम : हां बताइए, कहां जाना है आपको
महामंत्री : यहीं सामने जाना है, सुजीत कुमार नाम है, भाजपा का जिला महामंत्री हूं, पूरे शहर की व्यवस्था देख रहा हूं, रणबीर गंगवा पूरे हिसार जिला को देख रहे हैं।
एसडीएम : तो मतलब पार्किंग में गाड़ी नहीं खड़ी करोगे।
महामंत्री : अरे यहीं सामने तो जाना है।
एसडीएम : पार्किंग यह रही, गाड़ी पार्किंग में लगाओ।
महामंत्री : तो क्या हम पैदल जाएंगे, आप अपनी गाड़ी पार्किंग में लगाकर जाओगे क्या।
एसडीएम : मेरे को तो पूरे शहर की व्यवस्था देखनी है।
महामंत्री : मेरे को भी व्यवस्था देखनी है।
एसडीएम : आप ऐसा नहीं कर सकते, पार्किंग में गाड़ी लगाइए।
महामंत्री : ये कार्ड देख लें, पूरे शहर में राशन बांटना है।
एसडीएम : कहां राशन बांटना है, बताइए।
महामंत्री : आपकी डीसी मैडम से बात करवाऊं क्या?
एसडीएम : मैंने बात नहीं करनी, पार्किंग में गाड़ी लगाओ आप।
महामंत्री : क्यों बात नहीं करनी?
एसडीएम : आप गाड़ी पार्किंग में खड़ी करो, बस मैं इतना कह रहा हूं।
महामंत्री : आप अपना नाम बता दीजिए, मैं खड़ी कर दूंगा।
एसडीएम : एसडीएम हांसी, इतना ही नाम बहुत है, जाकर पार्किंग में लगाओ।
महामंत्री : कोई बात नहीं, याद रखना।
एसडीएम : याद रखूंगा, चिंता न करो और धमकी न दें।
महामंत्री : धमकी नहीं दे रहा हूं आपको।
एसडीएम : धमकी नहीं दे रहे हो तो क्या याद रखेंगे, बताएंगे जरा।
महामंत्री : मैं बात करूंगा, आपको मैंने पास दिखा दिया।
एसडीएम : आप धमकी क्यों दे रहे हैं, यह बताओ।
महामंत्री : आप जिला महामंत्री की गाड़ी रोकोगे।
एसडीएम : धमकी क्यों दे रहे हैं?
महामंत्री : आपको पता नहीं सरकार ने क्या आदेश दिया है?
एसडीएम : पार्किंग में गाड़ी लगाओ।
(इसके बाद सुजीत गाड़ी पार्किंग में लगाते हैं और पैदल अपने ऑफिस जाते हैं, एसडीएम वापस चले जाते हैं)

गाड़ी पार्किंग में लगाने को कहा था : एसडीएम

मैं शहर में चेकिंग करने के लिए गया हुआ था। अंबेडकर चौक पर लंबी लाइन लगी थी। मैं जाकर देखा तो भाजपा के महामंत्री थे, उन्हें गाड़ी पार्किंग में लगाने को कहा। वह पहले बोले राशन बांटने की व्यवस्था देख रहा हूं, पूरा शहर देखने की बात कही, कभी बरवाला जाने की बात कही, कभी यह कहा कि पास ही जाना है। पार्किंग इसलिए बनाई है, ताकि बाजारों में भीड़ न हो। सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।'' -डॉ. जितेंद्र अहलावत, एसडीएम।

एसडीएम ने अपनी मर्यादा भूली : सुजीत

एसडीएम ने अपनी मर्यादा भूली। सोची-समझी चाल के साथ अपने साथ वीडियो बनाने वाले को ले आए। आते ही बोले कि चालान काटो। जबकि मैं सरकार और प्रशासन के बीच की कड़ी था। मैं भाजपा की तरफ से पूरे जिले का वॉलंटियर हूं। हांसी में मैं अपने कार्यालय गया और वहां से मुझे बरवाला जाना था। रास्ता वही है। पुलिस नाका वाले मुझे दो दिन से रोक रहे थे। मैं उन्हें कहता था कि थोड़ा-बहुत गाड़ी भी देख लिया करो। आदमी की पहचान कर लो। आज एसडीएम पहले से तैश में थे। -सुजीत कुमार, महामंत्री, जिला भाजपा।