क्षत्रीय समाज का राज्य स्तरीय कार्यक्रम रद्द, शहजादपुर में 35 ऊंची महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण

नारायणगढ़. अद्भुत पराक्रम, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर क्षत्रिय समाज ने शहजादपुर में 35 फुट ऊंची महाराणा की प्रतिमा का अनावरण किया। लॉकडाउन के कारण क्षत्रीय समाज को राज्य स्तरीय कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। 14 जनवरी को महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के प्रयासों से महाराणा की प्रतिमा को हरिद्वार से शहजादपुर में लाया था। उसी दौरान संघर्ष समिति ने तय किया था कि इस बार 9 मई को राज्यस्तरीय कार्यक्रम शहजादपुर में करेंगे। इसके लिए समिति और क्षत्रिय समाज के लोगों ने कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी से विचार किया। केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया और नायब सैनी ने इस कार्यक्रम को हरी झंडी दी थी। कार्यक्रम के लिए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया जा चुका था, लेकिन कोविड-19 के कारण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के सदस्यों ने शुक्रवार की शाम को महाराणा प्रताप चौक शहजादपुर की सफाई की। शनिवार को संघर्ष समिति के प्रधान अनिल राणा व अन्य सदस्यों ने महाराणा की प्रतिमा पर फूल मालाएं पहनाकर उन्हें श्रद्वांजलि दी।
सबसे ऐतिहासिक था हल्दीघाटी का युद्ध
1576 में हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की 20 हजार सेना का सामना मान सिंह के नेतृत्व वाली अकबर की 80 हजार सेना से हुआ था। इस युद्ध में चेतक जख्मी हो गया था। इस युद्ध के बाद मेवाड़, चितौड़, गोगंडा, कुंभलगढ़ और उदयपुर पर मुगलों ने कब्जा किया था। बेशक अधिकांश राजा मुगलों के अधीन हो गए थे, लेकिन महाराणा ने स्वाभिमान नही छोड़ा। सालों तक संघर्ष करने के बाद 1585 में वह मेवाड़ को मुक्त करवाने में सफल रहे।
भामाशाह : बचपन से मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार रहे। मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम था दान वीरता के लिए भामाशाह का नाम इतिहास में अमर है।
रामप्रसाद : महाराणा प्रताप का हाथी रामप्रसाद इतना समझदार व ताकतवर व वफादार था कि उसने हल्दी घाटी युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था। रामप्रसाद को पकड़ने के लिए 7 हाथियों का चक्रव्यूह रचा गया। जो उसे बंदी बना पाए। रामप्रसाद ने भी अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। उसने 18 दिनों तक अकबर का खाना नहीं खाया, जिस कारण उसकी मौत हो गई थी।