कचरे की छंटाई कर निस्तारण व खाद बनाने के लिए निगम ने लगाया 16.75 रुपए का टेंडर

  • नई पॉलिसी से प्लांट चलाने के ट्रायल में एजेंसी 11 माह देखेगी प्लांट की पूरी व्यवस्था

यमुनानगर. सात साल से बंद पड़े कैल कचरा प्लांट को चलाने के लिए नगर निगम ने ई-टेंडर कॉल किया है। प्लांट में मौजूदा कचरे की छंटाई से लेकर निस्तारण के साथ खाद बनाने का प्रपोजल है। फिलहाल 11 माह के लिए वर्क अलॉट होगा, जिसके लिए 16.75 करोड़ के अनुमानित खर्च मुताबिक टेंडर लगाया गया है। जगाधरी-अम्बाला मार्ग पर कैल गांव के समीप सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया था, जो जून-2008 में शुरू हुआ। तब इस पर 18.74 करोड़ रुपए खर्च की बात कही गई। प्लांट कुछ समय चला और 14 दिसंबर 2013 से बंद पड़ा है। इसके बाद से प्लांट चलाने को लेकर कई योजनाएं बनी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई।
कचरे का निस्तारण न होने से कई बार हुई फजीहत| प्लांट चलाने पर शहर से हर दिन 100 टन कचरा ही निकलता था, लेकिन जब से डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगी, तब से औसत 300 टन कचरा निकलता है जिसे लगातार 1200 एकड़ में फैले कैल प्लांट में डंप किए जाने से वहां कूड़े के बड़े ढेर बन गए हैं। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि कचरा जगाधरी-अम्बाला हाइवे तक जा पहुंच जाता है। हाइवे पर सरपट वाहन दौड़ते हैं और हवा से कचरा उड़ता रहता है। वाहन चालकों के अलावा साथ लगते गांवों के लोग कचरे की दुर्गंध से परेशान हैं। वहीं, इसे लेकर एनजीटी व स्वच्छ सर्वेक्षण टीम से कई बार निगम अफसर फजीहत करवा चुके हैं।
एजेंसी को देनी होगी 33.50 लाख ईएमडी| निगम द्वारा कॉल किए ई-टेंडर में 18 मई तक बिड सबमिशन होगी और 19 मई को अाेपनिंग होगी। टेंडर लेने वाली एजेंसी को 33.50 लाख की ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपोजिट) देनी होगी। नई प्लानिंग के तहत एजेंसी पर सिर्फ कैल प्लांट का जिम्मा होगा। उसे प्लांट में कचरे की सही डंपिंग व छंटाई कर निस्तारण व खाद बनानी है।

कैल प्लांट काफी समय से नहीं चल रहा, यह सही है। इसके लिए करनाल के शेखपुरा सहित अन्य जगह प्लांट की कार्यप्रणाली जानने के बाद नई प्लानिंग तैयार की। 11 माह के लिए एजेंसी से डंपिंग, छंटाई, निस्तारण व खाद बनाने का काम कराया जाएगा। इस पर 16.75 करोड़ अनुमानित खर्च का टेंडर कॉल कर दिया है।- धर्मवीर सिंह, कमिश्नर नगर निगम।