उद्योगपतियों को राहत के लिए अप्रैल से अब तक का 62 करोड़ वैट रिफंड: सीएम

  • वीसी में बोले- लघु उद्योगपति 31 तक बिना पेनल्टी के करवा सकते हैं बिजली के बिल जमा

कैथल. सीएम मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ लघु उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार, व्यापारी व वर्कर परिवार का एक हिस्सा है। सरकार की प्राथमिकता है कि रोजाना कमाने वाले व्यक्तियों के जीवन यापन हेतू कार्य व भोजन इत्यादि की व्यवस्था करना है। लघु उद्योगपति 31 मई तक बिजली का बिल बिना पैनेल्टी के जमा करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से अब तक 162 करोड़ रुपए वैट रिफंड किया गया है। प्रदेश वासियों को कोरोना वैश्विक महामारी के चलते 1 हजार 47 करोड़ रुपए की राशि राहत के रूप में जारी की जा चुकी हैं। वीडियो कांफ्रेंस में हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे।
सीएम ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को निपुण करके उद्योग धंधों में लगाएं, ताकि भविष्य में प्रदेश का युवा अपने पैरों पर खड़ा हो और श्रमिकों की किसी भी प्रकार की कमी नही रहें। प्रदेश के लगभग 13 लाख श्रमिक काम धंधों पर लौटे हैं, जोकि कुल श्रमिकों का 50 प्रतिशत है। बाकि बचे 50 प्रतिशत को आने वाले दिनों में अपने-अपने संबंधित उद्योगों से जुड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग कर्मी स्टाक की मुवमेंट कर सकते हैं, इसके लिए किसी भी पास की जरूरत नही है। कहा कि लघु उद्योगों से जुड़े लोगों को प्रति श्रमिक 20 हजार रुपए लोन दिलवाने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए उद्योगपति को किसी भी प्रकार की गारंटी देने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि कोरोना रिलीफ फंड में लोगों ने 250 करोड़ रुपए की मदद की है। इसके साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने जरूरतमंदों को राशन व भोजन इत्यादि देने में पूरा सहयोग किया है।
उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उद्योगों को चलाने की अनुमति दी गई है। सभी उद्योगपति दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें। जिला में इस तरह की 472 यूनिट को चलाने की अनुमति दी गई है। इस अवसर पर उपमंडलाधीश कमलप्रीत कौर, शशि वंसुधरा, डीआईओ दीपक खुराना जीएम डीआईसी विजय लक्ष्मी, विनीत बैनिवाल, सचिन मित्तल, प्रशांत आदि मौजूद रहे।