आज भेजे जाएंगे 1200 मजदूर, 20 हजार से अधिक लोग करवा चुके रजिस्ट्रेशन, जिसमें 6800 प्रवासी

  • अन्य जिलों से पैदल ही भिवानी से निकलने वाले लोगों को भी संभाल रहा प्रशासन

भिवानी. लॉकडाउन में सबसे बुरी स्थिति उन प्रवासी मजदूरों की बनी हुई है जो अपने अपने घर जाना चाह रहे हैं। पंजीकरण करवाए जाने के बावजूद कोई साधन मिलता न देख मजदूर पैदल ही निकल पड़ते हैं। जिले से जाने वालों की संख्या 20 हजार से अधिक है जिसमें लगभग 6800 प्रवासी मजदूर हैं। हालांकि सरकार प्रवासियों के जाने की व्यवस्था लगातार कर रहा है लेकिन प्रवासी जाने के उतावले बने हुए हैं। इससे प्रवासी 38 डिग्री से अधिक तापमान में पैदल ही जाने लग जाते हैं। इसके अतिरिक्त दूसरे गांवों व जिलों से भी आगे जाने वाले प्रवासी भी भिवानी हो कर पहुंच रहे हैं।
गुरुवार देर शाम हिसार व सिवानी से पहुंचे लगभग तीन दर्जन मजदूरों का खाना तो रेडक्रास ने उपलब्ध करवा दिया लेकिन उन्हें रात सड़क के एक ओर गुजारनी पड़ी। यह स्थिति अकेले भिवानी की नहीं है बल्कि प्रदेश भर में बनी हुई है। भिवानी व दादरी के 1200 मजदूरों को लेकर शनिवार को एक ट्रेन पूर्णिया जाएंगी। प्रशासन ने एक सप्ताह पहले प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की थी। जिले में अभी तक 20 हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, जिसमें 6800 प्रवासी मजदूर हैं। भिवानी जंक्शन से पहली गाड़ी 9 मई को पूर्णिया के लिए चलेगी जिसमें भिवानी व दादरी के 1200 मजदूर जाएंगे। रेलगाड़ी में वे ही मजदूर जाएंगे जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

राजकीय कन्या स्कूल में की ठहरने की व्यवस्था

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रशासन की तरफ से ठहरने की व्यवस्था की हुई है। जो प्रवासी मजदूर सड़कों पर घूम रहे थे और पैदल ही अपने अपने प्रदेशों में जाने के लिए भिवानी बॉर्डर पार करने का प्रयास कर रहे थे ऐसे मजदूरों को स्कूल में रखा गया है और प्रशासन उनको घर भेजने की व्यवस्था में लगा हुआ है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। इसके अलावा जाट धर्मशाला में भी मजदूर व परिवार के सदस्यों को रखा गया है।

रेलवे स्टेशन पर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

प्रवासी मजदूरों को उनके प्रदेशों में भेजने के लिए प्रशासन रेलगाड़ी की व्यवस्था कर रहा हैं। इसी के चलते डीसी अजय कुमार व एसडीएम महेश कुमार ने गुरुवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि प्रवासी मजदूरों को रेल गाड़ी में बैठाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जा सके। स्टेशन के बाहर व प्लेट फार्म नंबर एक पर छह-छह फुट की दूरी पर गोल दायरे बनाए गए है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो शनिवार को भिवानी रेलवे स्टेशन से एक रेलगाड़ी लगभग 1200 प्रवासी मजदूरों को लेकर पूर्णिया बिहार के लिए रवाना होगी।

पुलिस कर्मचारी ने प्रवासी मजदूर के साथ की मारपीट

गुरुवार देर शाम बैंक कालोनी में किराए के कमरे में रहने वाला एक प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए पैदल ही निकल पड़ा था। जब वह रोहतक रोड पुलिस नाके पर पहुंचा तो पुलिस कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। डूमरी परोरा बेगूसराय बिहार का रहने वाला प्रवासी मजदूर ने बताया कि जब वह पुलिस नाके पास पहुंचा तो नजदीक ही पानी से भरे मटके रखे हुए थे। उसने मटके से पानी पीने के लिए एक पुलिस कर्मचारी से कहा तो उसने कहा पानी पी ले। इसी दौरान पुलिस कर्मचारी ने पूछा की कहा से है और क्या नाम है तो उसने बताया कि वह बिहार का रहने वाला है। प्रवासी मजदूर ने बताया कि इसके बाद पुलिस कर्मचारी ने उसके साथ मारपीट की।

सिवानी और हिसार से पहुंचे 36 मजदूर

गांव ढाब ढाणी में 32 प्रवासी रह रहे हैं जिन्होंने चार मई को रजिस्ट्रेशन करवाया था। मजदूर हर रोज घर जाने के लिए जिद्द कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त हर रोज कहीं न कहीं से प्रवासी भिवानी पहुंच रहे हैं। गुरुवार देर शाम को भिवानी में सिवानी व हिसार से लगभग तीन दर्जन मजदूर पहुंचे। वे पैदल ही बरेली के लिए चले थे लेकिन पुलिस नेे उन्हें यही रोक दिया।