3 मई से नहीं पहुंच रही झुग्गी-झोपड़ी वालों तक मदद

पूंडरी. भास्कर न्यूज | पूंडरी
पूंडरी की चीमा काॅलोनी में झुग्गी डाले पड़े लगभग 35 परिवारों तक 3 मई से कोई भी सरकारी मदद व भोजन नहीं पहुंच रही है। सरकार व प्रशासन जरूरतमंदों तक राशन व भोजन पहुंचाने के दावे भी खोखले साबित हो रहे है।
 सरकार द्वारा जबकि नगरपालिका के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए राशन पहुंचाया जा रहा है, लेकिन सवाल ये उठता है कि पात्र लोगों तक राशन न पहुंचकर आखिर ये राशन जा कहां रहा है। इस प्रकार की समस्याएं लॉकडाउन के दौरान पहले भी सामने आ चुकी है। अधिकारियों से पूछा जाता है तो वो रिकार्ड बनाने से लेकर भरपूर राशन पहुंचाने का दावा करते है। हकीकत जाने के लिए पात्र परिवारों से संपर्क किया जाता है तो उनके पास राशन के नाम पर कुछ होता ही नहीं है। ये सब जांच का विषय है। लॉकडाउन के चलते काम धंधा छोड़े झोपड़ियाें में उतराखंड व पहले से बैठे मुस्लिम, सिकलिगर व मदारी का काम करने वाले परिवार जब से लॉक डाउन हुआ है तब से लेकर अब तक प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं के सहारे अपना जीवन निर्वाह कर रहे है।
 लॉक होने से लेकर अब तक इनके पास सुखा राशन व संस्थाओं द्वारा बनाए जाने वाला भोजन दो टाइम पहुंचता रहा है, लेकिन अब जब से तीसरे चरण का लॉक डाउन शुरू हुआ है तब से उनकी किसी ने भी सुध नही ली है।
 परिवार सदस्या दर्शना देवी, बबली, सपना, मंजू, जीतो, परमजीत, बादल, किरण, काजल, नसीबो, रीमा, मनजीत, अबदूल व काली ने बताया कि वे मांगकर, तमाशा आदि दिखाकर अपना जीवन यापन कर लेते थे, लेकिन अब सब कुछ बंद हो गया है। लॉक डाउन के चलते वे ग्रामीण क्षेत्रों में मांग भी नहीं सकते है। ऐसे में उनके सामने रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें या तो उनके राज्य पहुंचाने का प्रबंध किया जाये या फिर उन्हें भोजन उपलब्ध करवाया जाए।