हरियाणा रोडवेज के चालक-परिचालक के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की मारपीट से कर्मचारियों में राेष

अम्बाला. रोडवेज एससी एंप्लॉइज संघर्ष समिति आॅफ हरियाणा के राज्य प्रधान बलवंत सिंह और राज्य महासचिव संदीप कुमार ने हरियाणा रोडवेज के चालक-परिचालक के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई मारपीट पर राेष जताया। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा रोडवेज नारनौल डिपो की 5 बस जिला प्रशासन द्वारा 175 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश के बागपत जिला में भेजने के लिए रवाना की गई।

कुंडली-बागपत बॉर्डर पार करके उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुकी पांचों बसों को बागपत पहुंचने पर चालक व परिचालकों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने मारपीट कर वापस हरियाणा सीमा में धकेल दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। फोन पर चालक मंदीप ने बताया कि बागपत से वापस करने से लेकर अब तक बॉर्डर पर खड़े हैं। प्रवासी मजदूर व कर्मचारी सभी भूख से बेहाल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस कहती है कि जहां से आए हाे वहीं जाओ। अधिकारी कहते हैं कि अभी रुको बात हो रही है। आखिर इन लोगों के प्रति किसकी जिम्मेदारी। क्या हरियाणा सरकार ने इस बारे पहले यूपी सरकार को अवगत नहीं कराया था। जो इन कर्मचारियों को साथ ऐसा अपमानजनक रवैया अपनाया जा रहा है।

बलवंत सिंह ने कहा कि एक तरफ यह कर्मचारी कोरोना जैसी महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना इस काम को अंजाम देने में अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं और दूसरी तरफ इनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। उनकी मांग है कि कोरोना महामारी में ड्यूटी कर रहे परिवहन विभाग के कर्मचारियों को बीमारी से सुरक्षा के साधन मुहैया करवाए जाएं, पुलिस द्वारा की गई मारपीट से कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए। जब तक इस महामारी से निपटा नहीं जाता तब तक रोडवेज की बसों में चालक और परिचालकों के लिए अस्थाई रूप से फाइबर निर्मित कैबिन का निर्माण किया जाए। जिससे इस बीमारी से संक्रमित होने का खतरा टल सकें। यदि बस में प्रवासी मजदूरों में से किसी को भी संक्रमण है तो इस कैबिन में संक्रमण का खतरा टल सकता है।