हमें घर जाने की परमिशन दे प्रशासन, यहां खाने के लिए राशन नहीं, सरकार की तरफ से भी नहीं दिया जा रहा

  • फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले अपने घर जाने की परमिशन की कर रहे मांग

कलायत. पिछले एक सप्ताह से घर जाने की परमिशन लेने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। गुरुवार को प्रवासी मजदूरों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि साहब मिलते नहीं बाहर सड़क पर रेहड़ी लगाने नहीं देते घर में खाने के लिए राशन नहीं अब तो सरकार की तरफ से भी राशन नहीं दिया जा रहा। ऐसे में परिवार को क्या खिलाए, हमें तो बस जाने की परमिशन दिलवा दो घर पहुंचने के लिए साधन हम कर लेंगे । ये कहना है कलायत में राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश व अन्य विभिन्न प्रदेशों के रह रहे फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले लाेगाें का। ये लाेग उपमंडल कार्यालय के बाहर अपने-अपने राज्य लौटने की परमिशन लेने के लिए पहुंचे थे।

फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले सुनील कुमार, भुल्लन सिंह, जितेंद्र सिंह, अजय, कमल सिंह, गोविंद, रघुराज, उमेश सिंह व दूसरे लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से कलायत में ही गोलगप्पे आदि की रेहड़ी लगाते रहे हैं लेकिन जब से लॉक डाउन घोषित हुआ है तब से विनय तो रेडी लगा पा रहे हैं। उन्हें 14 अप्रैल के बाद सरकार की तरफ से भी कोई मदद नहीं दी जा रही है जो उनके पास थोड़े बहुत पैसे थे वे भी खत्म हो गए हैं। ऐसे में वह अपने परिवार को भूखे बिलखते नहीं देख सकते। उन्होंने एसडीएम कार्यालय में लिखित पत्र देकर घर भेजने की गुहार लगाई है।

एसडीएम कार्यालय में तैनात सुपरिंटेंडेंट सावित्री देवी ने बताया कि एसडीएम मीटिंग के कारण बाहर हैं तथा फास्ट फूड का काम करने वाले कामगारों का आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा दिया गया है तथा उनके द्वारा दिए गए परमिशन पत्र को एसडीएम के समक्ष प्रेषित कर दिया जाएगा।