लुधियाना से पैदल अम्बाला पहुंचे 400 प्रवासी श्रमिक, पुलिस के कहने पर भी न रुके तो बल प्रयोग किया, वापस पंजाब बॉर्डर पर छोड़े

अम्बाला. 6 दिन में 110 किलोमीटर पैदल चलकर लुधियाना से अम्बाला पहुंचे प्रवासी श्रमिकों को जंडली पुल के पास पुलिस ने रोकने की कोशिश की। श्रमिक नहीं रुके तो पुलिस ने लाठियां अड़ाई। इससे हाइवे पर भगदड़ मच गई। कई मजदूर ताे हाइवे के पास गंदे पानी के खदान में उतरकर बचे। कई मजदूरोंं काे चाेटें अाई अाैर मजदूरोंं के जूते-चप्पल हाइवे पर रह गए। मजदूरोंं काे नंगे पांव ही हाइवे पर पुलिस ने भगाया। जग्गी सिटी सेंटर के पास ले जाकर पुलिस ने हाइवे से जा रहे ट्रकों काे हाथ देकर रूकवाया। उन ट्रकों में भरकर मजदूरोंं काे पंजाब बॉर्डर के पास ही उतार कर चलता कर दिया गया। कई मजदूर रेल पटरी से हाेते हुए वापस जाने लगे। एक युवक के कान पर लाठी लगने से खून बह रहा था ताे एक युवक सड़क किनारे बैठकर ही राेने लगा। मजदूरोंं का कहना था कि उन्हें गाेली मार दाे या उनके घर छाेड़ दाे। यह मजदूर पंजाब के लुधियाना से उत्तर प्रदेश के लिए जा रहे थे। एसपी अभिषेक जाेरवाल ने कहा कि यह लेबर बॉर्डर के साथ लगती जगहों अाैर खेतों से हाेते हुए अंदर दाखिल हाे रही हैं। इन प्रवासी मजदूरोंं काे भी भेजने के लिए दाे-तीन दिन में बसें चलने की उम्मीद है।