रेणुका के पिता की मौत, बेटी के गुनहगारों को पकड़वाने के लिए 25 साल से लड़ रहे थे

जगाधरी. 25 साल पहले जगाधरी वर्कशॉप में रेणुका का शव नाले के पास एक बोरी में मिला था। उसकी गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी। यह दरिंदगी किसने की, इसका खुलासा आज तक नहीं हुआ। बेटी से दरिंदगी के बाद हत्या करने वालों का पता लगाने के लिए उसके पिता लड़ते-लड़ते शुक्रवार को दुनिया से विदा हाे गए। सुभाष शर्मा की प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। उन्हें हार्ट की दिक्कत और टीबी थी। उनकी रात ढाई बजे मौत हो गई। उनके परिवार के लोगों का कहना है कि सुभाष शर्मा रात को भी ये ही कह रहे थे कि बेटी रेणुका को मारने वालों को पकड़वाना है। उसे मंत्री को इसके लिए लेटर लिखना है। लेकिन इसी बीच उनकी सांसें थम गई। इंटरनेशनल पावर लिफ्टर खिलाड़ी रही सुभाष शर्मा की बेटी मलिका शर्मा ने बताया कि पिता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। एक मई को उन्होंने गाबा अस्पताल में भर्ती किया गया था। रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका कहना है कि उनके पिता को बस एक ही मलाल था कि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला।

26 अगस्त 1995 में हुई थी गैंगरेप के बाद हत्या

मलिका का कहना है कि अब वे बहन की हत्या करने वालों को पकड़वाने के लिए लड़ाई लड़ेंगी। भले ही उन्हें कुछ भी करना पड़े। बता दें 26 अगस्त 1995 को रेलवे कॉलोनी में रेणुका साथ गैंगरेप कर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद उसके शव को चुंगी के पास बोरी में डालकर फेंक दिया गया था। जब तक पुलिस आरोपियों का पता लगा पाती आरोपी वहां से फरार हो गए थे। तब सुनील गुप्ता का नाम इस केस में आया था। उसका आज तक पता नहीं चल पाया। वहीं तब एक मंत्री के बेटे का भी इस मामले में नाम उछला था। इस मामले की जांच जिला पुलिस से लेकर सीबीआई तक कर चुकी है, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला। अब भी इस मामले में सीबीआई जांच चल रही है।