यमुनानगर मिल में डाला जाएगा शाहाबाद का गन्ना, मिल भेजेगी मैसेज, ट्राॅली के दोनों तरफ लगाना होगा किसानों को कोड

शाहबाद. शाहाबाद शुगर मिल बंद होने के बाद से किसानों के समक्ष परेशानी खड़ी है। गन्ना उत्पादक किसान कैथल मिल जाने को तैयार नहीं हैं। जबकि भादसों की मिल बंद हो चुकी है। भादसों मिल बंद होने के बाद ही शाहाबाद के गन्ना उत्पादकों को कैथल मिल में गन्ना डालने के निर्देश थे। लेकिन किसान इस पर राजी नहीं हुए। अब शाहाबाद शुगर मिल के गन्ना किसान यमुनानगर मिल में गन्ना डालेंगे। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों व विधायक ने भी बातचीत की।
बता दें कि शाहाबाद शुगर मिल के कैमिस्ट के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद मिल को बंद किया गया है। पहले मिल तीन दिन बंद की थी। लेकिन बाद में मिल के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को घरों में क्वारेंटाइन कर दिया गया जिसके चलते मिल पर भी संकट खड़ा हो गया। ऐसे में मिल को बंद करने का फैसला लिया गया। अभी शाहाबाद मिल के तहत करीब छह क्विंटल गन्ना बाकी खड़ा है। इसके बाद किसानों को भादसों व यमुनानगर मिल में गन्ना डालने के लिए कहा गया। कुछ दिन पहले भादसों मिल भी बंद हो गई ।
विधायक ने किया मिल का दौरा
विधायक रामकरण काला ने बताया कि शाहबाद क्षेत्र के किसानों का गन्ना यमुनानगर शुगर मिल में डाला जाएगा। उन्होंने बताया कि आज उन्होंने यमुनानगर शुगर मिल का दौरा किया। किसानों के गन्ना डालने की समस्या का समाधान करने के लिए शुगर मिल के अधिकारियों से बात की। बताया कि इस समस्या का समाधान हो गया है। शाहबाद क्षेत्र के किसानों का गन्ना यमुनानगर शुगर मिल में डाला जाएगा।
ट्राॅली पर लगाना होगा कोड
विधायक ने बताया कि मिल से किसानों के मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। शुगर मिल की तरफ से मैसेज में जो कोड आएगा, किसानों को वह कोड अपनी गन्ने की भरी हुई ट्राॅली के दोनों तरफ लगाना होगा। उन्होंने यमुनानगर शुगर मिल के जीएम धर्मपाल सिंह से चर्चा की। विधायक ने बताया कि किसानों के गन्ने की एक-एक पोरी खरीदी जाएगी। उन्हें किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके बाद भी यदि कोई समस्या हो तो लोग उनसे मिल सकते हैं ।