मंडियों में आए गेहूं का इस बार देरी से होगा उठान बरसात के कारण क्वालिटी खराब होने की आशंका

  • जिले की मंडियों में 5 लाख 53 हजार 571 एमटी गेहूं की आवक, लिफ्टिंग 3 लाख 2 हजार 134 एमटी हुई

कैथल. कोरोना वायरस संक्रमण की आपदा के साथ-साथ इस बार मौसम ने भी किसानों व आढ़तियों का शेड्यूल बिगाड़ा है। ऐसे में स्पष्ट है कि मंडियों में पड़े गेहूं का उठान और देरी से होगा। अगर आगामी दिनों में बारिश हुई तो गेहूं की क्वालिटी खराब होने की आशंका है। जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर बुधवार देर शाम तक करीब 5 लाख 53 हजार 571 एमटी गेहूं की आवक हुई है। जबकि विभिन्न एजेंसियों द्वारा अब तक 3 लाख 2 हजार 134 एमटी गेहूं का उठान हो पाया है। मौसम विभाग ने दस मई को फिर से मौसम के करवट लेने की चेतावनी दी है।
जिला में सरकारी तौर पर 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कराई गई थी। लेकिन शुरुआात के पहले सप्ताह में आवक नाममात्र की रही। बाद में गेहूं से मंडियां भर गई। डीसी सुजान सिंह ने बताया कि वर्तमान गेहूं खरीद सीजन के दौरान जिला की विभिन्न मंडियों तथा खरीद केंद्रों में बुधवार तक 5 लाख 53 हजार 571 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। बुधवार को जिला में 25 हजार 296 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। गेहूं की कुल खरीद में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 5 हजार 146 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2 लाख 15 हजार 791 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 73 हजार 44 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 59 हजार 662 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई है।