प्याज की कीमत गिरने से किसानों को हजारों का नुकसान

  • किसानों को गत वर्ष के मुकाबले इस साल 60 से 80 हजार रुपए प्रति एकड़ का नुकसान

बाबैन. बाबैन अनाज मंडी में प्याज की आवक तेज हो गई है, लेकिन कोरोना वायरस को लेकर देश में जारी लॉकडाउन की मार का प्याज की कीमतों पर असर पड़ा है। पिछले साल जहां किसानों का प्याज 1300 से 1600 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका था। वहीं इस बार प्याज का रेट मात्र 600 से 900 के बीच में ही सिमट कर रह गए हैं। लॉकडाउन की मार के चलते प्याज की कीमतों में आई भारी गिरावट से किसानों को गत वर्ष के मुकाबले इस साल 60 से 80 हजार रुपए प्रति एकड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनाज मंडी बाबैन में प्याज बेचने आए शीषन पाल पटाकमाजरा, जसविन्द्र सिंह जमालपुर, धर्मपाल बंसत पुर, केसर सिंह मनकी, अवतार सिंह धर्मगढ़ का कहना है कि इस बार कोरोना को लेकर देश में जारी लॉकडाउन का प्याज की कीमतों पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि गांवों व शहरों में लोगों द्वारा अपने स्तर पर की गई नाकेबंदी से लोग गांवों में रेहड़ी-खच्चर, ट्रैक्टर-ट्रालियों में प्याज बेचने वालों को लोग गांवों में जाने से रोक रहे हैं। किसानों का कहना है कि गांवों प्याज न बिकने से प्याज की खपत घट गई है जिससे मंडियों में प्याज के खरीदार कम रह गए हैं। मंडियों में प्याज के खरीदार कम आने का असर प्याज की कीमतों में देखने को मिला है। किसानों ने सरकार से मांग की गांवों में प्याज बेचने की अनुमति प्रदान की जाए ताकि किसानों के प्याज के रेट बढ़ सके और किसानों को कोई आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।