गृहमंत्री बोले-पुलिस-एक्साइज स्टाफ की मिलीभगत के बिना नहीं जा सकती शराब, बड़े अफसरों तक आएगी जांच की आंच

  • कहा- किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति का नाम आता है तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा
  • गोदामों में दूसरे राज्यों में बनी शराब मिली, सोनीपत बना ट्रांजिट सेंटर

पानीपत. सोनीपत में हुए शराब घोटाले की आंच अब कई अफसरों तक आएगी। गृह विभाग की ओर से गठित की जाने वाली एसआईटी को जांच में पूरी छूट दे दी गई है। चाहे कोई कितना भी बड़ा प्रभावी व्यक्ति हो, यदि संदेह है, तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि इतना बड़ा मामला किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली की मिलीभगत से हो सकता है। गोदामों में दूसरे राज्यों में बनी शराब भी रखी हुई थी। ऐसे ब्रांड की शराब मिली है, जो हरियाणा में बनती नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन गोदामों से शराब की तस्करी दूसरी जगह होती थी। गोदामों को ट्रांजिट सेंटर बनाया गया।
गृहमंत्री विज ने माना कि पुलिस और एक्साइज डिपार्टमेंट के कर्मचारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। इनके बिना शराब की एक बोतल कहीं नहीं बिक सकती। मामले की बड़ी बात यह है कि शराब रखने के लिए पुलिस और एक्साइज डिपार्टमेंट के दो गाेदाम बने हुए हैं। इनमें दोनों की तरफ से बरामद शराब रखी है। पुलिस के गोदाम में चोरी की एफआईआर दर्ज हो चुकी है। परंतु एक्साइज डिपार्टमेंट अभी नींद में सोया हुआ है। उसकी ओर से अभी केस दर्ज नहीं कराया है। परंतु गठित की जा रही एसआईटी दोनों ही गोदामों के मामलों की जांच करेगी।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस गोदाम में शराब रखी गई थी, वह जमीन वक्फ बोर्ड की है और एक महिला के नाम से लीज पर है और उसके पति भूपेंद्र के खिलाफ शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। यानि शराब की तस्करी करने के आरोपी गोदाम में ही शराब रख दी गई। गृह मंत्री का कहना है कि बड़ा सवाल यह भी है उक्त व्यक्ति के गोदाम में ही शराब रखने को किसने कहा था। उनका कहना है कि शराब चोरी होने और गोदामों में दूसरे राज्यों में बनी शराब मिलने से इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि गोदामों को तस्करी का अड्‌डा बना लिया गया। बता दें कि इन गोदामों में पुलिस और एक्साइज की ओर से अवैध रूप से तस्करी की जा रही पकड़ी गई शराब 2019 में रुखी गई थी, जो करोड़ों रुपए की थी।

एसआईटी के लिए दुष्यंत से कोई बात नहीं हुई, मैंने दिए आदेश : विज
शराब घोटाला सामने आने के बाद इसकी चर्चा भी हुई। कैबिनेट भी मामला उठा। जिसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री अनिल विज से मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आग्रह किया है। परंतु गुरुवार को विज ने कहा कि उनकी डिप्टी सीएम से कोई बात नहीं हुई।

एसआईटी इन बिंदुओं पर करेगी जांच

  • जिस व्यक्ति के खिलाफ शराब तस्करी के केस, उसके गोदाम में ही शराब क्यों रखी गई।
  • शराब चोरी हुई तो पता क्यों नहीं लगा।
  • जिसके गोदाम में शराब रखी गई, उसे इसकी जानकारी कैसे नहीं मिली।
  • गोदाम की दीवार तोड़ दी गई। फिर भी किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया।
  • क्या शराब चोरी में पुलिस-एक्साइज डिपार्टमेंट के कर्मचारी शामिल थे।
  • क्या इस पूरे मामले में कोई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल रहा।
  • अन्य जिलों की स्थिति का भी हो सकता है आंकलन।