कई संस्थाओं ने बंद किया भोजन वितरण, प्रशासन को सुझाव- अब बड़े क्लबों को सेवा में उतारा जाए

  • कई संस्थाओं ने बंद किया भोजन वितरण, प्रशासन को सुझाव- अब बड़े क्लबों को सेवा में उतारा जाए
  • प्रशासन का दावा- अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा जा रहा सूखा राशन

अम्बाला. जरूरतमंद लोगों के लिए अलग-अलग संस्थाओं द्वारा शुरू की गई लंगर व भोजन वितरण सेवा को अब बंद कर दिया गया है। 3 मई से लॉकडाउन में मिली छूट के बाद भोजन वितरण नहीं किया जा रहा है।
फैक्ट्रियां, दुकानें एवं अन्य संस्थान अभी तक पूरी तरीके से खुले नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कुछ स्थानों पर अब भी जरूरतमंद लोगों को भोजन के लिए दिक्कत हो रही है। पिछले दिनों कैंट प्रशासन ने कुछ संस्थाओं को खाने पहुंचाने के लिए फोन किया तो उन्होंने सुझाव दिया कि अब कुछ प्रोफेशनल क्लबों को सेवा में लगाना चाहिए जिनकी अच्छी कमाई है। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां डिमांड आ रही है वहां अब सूखा राशन पहुंचाया जा रहा है।
लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा उन क्षेत्रों की पहचान की गई थी जहां पर जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया जाना था। अलग-अलग क्षेत्रों को बांटकर यहां इंचार्ज लगाए गए थे जिनकी देखरेख में अलग-अलग संस्थाओं ने भोजन वितरण का कार्य किया था।
करीब एक दर्जन सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने लोगों को भोजन वितरण किया था। इनमें शिव कांवड़ संघ, गीता गोपाल संस्था, पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा, नौजवान सेवक जत्था, पांडव दल, शिव कावड़ संघ व अन्य संस्थाएं शामिल थी।
मगर अब संस्थाओं द्वारा अलग-अलग तर्क देकर भोजन वितरण बंद कर दिया गया है। ऐसे में प्रशासन के लिए भी कुछ समस्या उत्पन्न हो गई है। अभी भी कैंट के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर भोजन वितरण की जरूरत है जिनमें टांगरी बांध क्षेत्र, गांधी ग्राउंड के पास झुग्गी झोपड़ी, बस स्टैंड क्षेत्र, महेशनगर व दयालबाग के कुछ क्षेत्र भी शामिल है।

बाहर से आ रहे श्रमिक, भोजन के लिए लगा रहे गुहार
पंजाब से यूपी, बिहार की ओर अब भी कई श्रमिक जा रहे हैं। यह श्रमिक विश्राम के लिए जगाधरी रोड किनारे बैठ रहे हैं जिन्हें पीने के लिए पानी तक मुश्किल से नसीब हो रहा है। शुक्रवार भी दर्जनों श्रमिक साइकिलों पर व पैदल रोड से गुजर रहे थे। कई श्रमिक तो अंधेरा पड़ने वाले सड़कों किनारे ही रात काट रहे हैं।