ऑड-इवन में बारबर शॉप खोलने के लिए मिला मंगलवार, गुरुवार और शनिवार का दिन, शॉप मालिक बोला-भूखा मर जाऊंगा साहब, दिन बदलो

  • ऑड-इवन में बारबर शॉप खोलने के लिए मिला मंगलवार, गुरुवार और शनिवार का दिन, शॉप मालिक बोला-भूखा मर जाऊंगा साहब, दिन बदलो

कैथल. आजकल नगर परिषद के अधिकारियों के पास ऑड-इवन नियम लागू के कारण कई रोचक शिकायतें आ रही हैं। ऑड-इवन के चक्कर में कहीं नाई को मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन दुकान खोलने के लिए मिले, तो कहीं बारी के बिना शटर बंद कर दुकान चलाने वाले दुकानदारों की शिकायतें आ रही हैं। जिनके निवारण के लिए दिनभर ईओ कर्मचारियों को आदेश देते हैं। बता दें कि सिटी में चार मई से ऑड-इवन के हिसाब से दुकानें खोलने के आदेश प्रशासन की ओर से जारी हुए हैं। नगर परिषद ने बाजारों में ऑड-इवन के हिसाब से दुकानों पर नंबरिंग कर दी। कुछ ही दिनों में ऑड-इवन के साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे हैं। हर कोई अपनी दुकान को प्रतिदिन खोलना चाहता है, ताकि जो 40 दिनों तक उसका आर्थिक नुकसान हुआ है ,उसे कुछ पूरा किया जा सके। लेकिन इसमें लोग आपसी शिकायतबाजी में उलझ रहे हैं।
बारबर (नाई) की दुकान मालिक बोला दिन बदल दो साहब, वरना भूखा मर जाऊंगा| छात्रावास रोड पर बारबर की दुकान चलाने वाले नवीन ने नगर परिषद अधिकारियों से गुहार लगाते हुए उसकी दुकान खोलने के दिन बदले जाएं। उसने बताया कि ऑड-इवन के हिसाब से उसे मंगलवार, गुरुवार और शनिवार का दिन मिला है। लेकिन मंगलवार और गुरुवार को लोग बाल कटवाना और शेव बनवाना धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार सही नहीं मानते हैं। वहीं शनिवार को भी कोई ज्यादा ग्राहक नहीं होते हैं। आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। अगर अब भी वह काम नहीं कर सका तो भूखा मरने की नौबत जाएगी। ईओ ने आश्वासन दिया कि उसकी बारी बदल दी जाएगी।

ऑड-इवन में बिना नंबर आए दुकानें खोली जा रही हैं। इस प्रकार की शिकायतें भी आ रही हैं। वहीं कुछ दुकानदार अपने काम के चलते दिन बदलवाने के लिए भी आ रहे हैं। जो भी शिकायत आ रही है, उसे हल किया जा रहा है। ताकि दुकानदारों को परेशानी न हो। ऑड-इवन को लागू करने के पीछे बाजारों में भीड़ कम रखना है।-अशोक कुमार, ईओ नगर परिषद, कैथल

दुकान बंद, दुकानदार का बेटा अंदर, दुकानदार बाहर
शहर में प्रत्येक बाजार में स्थिति ये है कि जिस दिन दुकान खोलने की बारी है, उस दिन तो दुकान खुल ही रही है। लेकिन जिस दिन नंबर नहीं होता, उस दिन दुकानदार बाहर से शैटर डाउन कर बैठता है। लेकिन दुकान के अंदर सामान निकालने के लिए दुकानदार का बेटा या कर्मचारी होता है। दुकानदार बाहर ग्राहक को अटेंड करता है। काफी जगहों पर इस पर एतराज होता है ,लेकिन कई बाजारों में दुकानदार इस पर कहते हैं कि सबको काम की जरूरत है। इसलिए उन्हें कोई समस्या नहीं है।

बिना बारी के खोल रहे दुकानें
पुराना बस अड्डा के पास मार्केट से एक दुकानदार नगर परिषद में ईओ के पास शिकायत लेकर पहुंचा कि साहब मेरा पड़ोसी दुकानदार बिना बारी के दुकान खोलता है। नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए। ईओ ने आश्वासन दिया कि अगर कोई नियम तोड़ रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।