एसआईटी के लिए गृह मंत्री ने तीन आईएएस के नाम सीएम के पास भेजे, अशोक खेमका भी शामिल

  • सोनीपत के खरखौदा बाईपास में शराब गोदाम में महंगी शराब की 5500 पेटी हो गई थी गायब
  • पुलिस व अधिकारियों की मिलीभगत से पूरा फर्जीवाड़ा होने का लग रहा है आरोप

चंडीगढ़. सोनीपत के खरखौदा बाईपास पर शराब गोदाम में से 5500 पेटी शराब गायब हो जाने के मामले में गृह विभाग द्वारा गठित एसआईटी में गतिविधियां शुरू हो गई है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने एसआईटी के लिए तीन अधिकारियों के नाम का चयन करके सीएम मनोहर लाल खट्टर के पास भेज दिया है। अब वहां से एक आईएएस का नाम तय होते ही इस मामले की जांच शुरू हो जाएगी। इन आईएएस में अशोक खेमका, संजीव कौशल और टीसी गुप्ता का नाम शामिल है।

गृहमंत्री अनिल विज बताया कि पुलिस के गोदाम से 5500 पेटी शराब चोरी हुई है। जिसकी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस की तरफ से एडीजीपी सुभाष यादव, आबकारी एवं कराधान विभाग की तरफ से अतिरिक्त आयुक्त विजय सिंह को एसआईटी सदस्य के रूप में फाइनल किया गया है। उन्होंने आईएएस अशोक खेमका, संजीव कोशल व टीसी गुप्ता का नाम भेजा है। एक नाम तय होते ही जांच शुरू हो जाएगी। लॉकडाउन के दौरान सोनीपत के खरखौदा में बने गोदाम से करोड़ों रुपये की शराब गायब हुई थी। पुलिस ने यह गोदाम उस आदमी के घर में बना रखा था, जिस पर पहले से शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। गृहमंत्री अनिल विज ने सोनीपत के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों की भी जांच करवाने की बात कही है। क्योंकि सोनीपत के अलावा फतेहाबाद में भी शराब कम मिली है।

बड़े लोगों की मिली भगत हो सकती है
सूत्र ये भी बता रहे हैं कि गृह विभाग की ओर से गठित की जाने वाली एसआईटी को जांच में पूरी छूट दे दी गई है। चाहे कोई कितना भी बड़ा प्रभावी व्यक्ति हो, यदि संदेह है, तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि इतना बड़ा मामला किसी बड़े अधिकारी या प्रभावशाली की मिलीभगत से हो सकता है। गोदामों में दूसरे राज्यों में बनी शराब भी रखी हुई थी। ऐसे ब्रांड की शराब मिली है, जो हरियाणा में बनती नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन गोदामों से शराब की तस्करी दूसरी जगह होती थी। गोदामों को ट्रांजिट सेंटर बनाया गया। गृहमंत्री विज ने माना कि पुलिस और एक्साइज डिपार्टमेंट के कर्मचारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।