अब हर घर से अलग-अलग उठेगा गीला और सूखा कचरा हर वार्ड में पहुंचेंगे दो टिपर, बजीदपुर में कूड़ा होगा डंप

  • नगर परिषद ने अलग से खरीदे 62 टिपर, हर सेक्टर में एक साथ जाएंगे दो टिपर, एक में गीला, दूसरे में सूखा कचरा करेंगे एकत्रित

कुरुक्षेत्र. शहर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ही एकत्रित किया जाएगा। इसे लेकर पिछले काफी समय से प्रशासन व नगर परिषद ने योजना बनाई है। अब इस योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए नगर परिषद ने अलग से 62 टिपर भी खरीदे हैं। गुरुवार को नप में विधायक सुभाष सुधा ने अधिकारियों की मीटिंग ली। कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर अधिकतर समय लोग अब अपने घरों में ही रहते हैं, इसलिए लोगों को नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी गीले और सूखे कचरे को लेकर सहजता से जागरूक कर रहे हैं। अब नगर परिषद ने हर घर से गीला व सूख कचरा अलग-अलग टिपरों में एकत्रित करना शुरू कर दिया है। इस योजना को सेक्टरों में लागू कर दिया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक गीले और सूखे कचरे के लिए दो टिपर जा रहे हैं।
बजीदपुर में होगा कूड़ा डंप : विधायक सुधा ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शहर में सभी जगहों से गीला और सुखा कचरा अलग-अलग उठाना है। इस गीले और सूखे कचरे का प्रबंध बजीदपुर डंपिंग ग्राउंड में होगा। नप के पास यह अच्छा अवसर है कि लॉकडाउन के दौरान आमजन को इस विषय के प्रति जागरूक भी किया जा सकेगा। कोरोना वायरस की जंग जीतने के लिए नगर परिषद का हर कर्मी मोर्चे पर डटा है।
शहर के गली मोहल्लों व कॉलोनियों को सेनिटाइज करने के साथ नप का ध्यान बारिश में जलभराव की समस्या की निपटान पर भी है। मानसून सीजन से पहले नप ने नालों की सफाई का कार्य आरंभ कर दिया है। इस मानसून सीजन में बरसात के पानी की निकासी और बाढ़ से बचाव कार्यों के प्रबंध 31 मई तक पूरे किए जाएं। नप ने शहर में बारिश के कारण कहीं भी जलभराव न हो इस पर काम शुरू कर दिया है। नप की टीमें शहर के मुख्य नालों से लेकर जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित करने में जुटी हैं। अलबत्ता नप शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी चौकस है, ताकि बारिश में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। कहा कि नप की ओर से जेसीबी और सफाई कर्मियों के जरिये नालों की सफाई को दुरुस्त किया जा रहा है। 15 सफाई कर्मियों की टीम इस कार्य को संभाले हुए हैं, जो हर रोज हर कॉलोनी के मुख्य नाले की सफाई के साथ जलभराव वाले स्थानों की सूची बनाई जा रही है। ताकि वहां की गलियों में व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। यही नहीं नप की ओर से सफाई कर्मियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में छोटी कॉलोनियों में सफाई की जाए। शहर के गांधी नगर के मुख्य नाले की सफाई का काम पूरा किया जा चुका है तो झांसा रोड और भद्रकाली मंदिर के सामने वाले नाले से भी गंदगी की सफाई कर उसे दुरुस्त कर दिया है। विधायक का कहना है कि बारिश से पहले ऐसे कोई नाला व गली-मोहल्ले की नाली नहीं छोड़ी जाएगी, जो गंदगी से अटी पड़ी हो। सफाई कर्मियों को सख्त हिदायत दी । उन्होंने कहा कि शहर में करीब 80 डंपर घर-घर जाकर कूड़े का उठान कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को स्वच्छ रखने में है। अब शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर व गंदगी नहीं दिखाई देती। क्योंकि डंपरों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली व जेसीबी के जरिये गंदगी का उठान हर रोज किया जाता है।

अगर गंदगी मिली तो सफाई कर्मचारी जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि सभी सफाई कर्मियों को अधीनस्थ क्षेत्र के इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी है। नप की टीम की ओर से समय-समय पर कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था को जांचा जाएगा। यदि कहीं गंदगी व सफाई नहीं मिलती है तो संबंधित क्षेत्र के सफाई कर्मियों से जवाब तलब किया जाएगा। शहर के सभी पार्कों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया है। इससे अब बारिश से जलभराव की समस्या से राहत मिली है। यही नहीं शहर भी दूधिया रोशनी से जगमगाने लगा है। शहर में 15700 सोडियम स्ट्रीट लाइट्स काम करने लगी हैं। शहरवासियों की हर समस्या के निपटने के लिए शिकायत केंद्र भी स्थापित किया है।