10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस गेहूं में प्रति क्विंटल 4 रुपये 81 पैसे की कटौती

  • जिले में 4 एजेंसियों ने 54 लाख क्विंटल गेहूं खरीदी, 24 लाख 14 हजार क्विंटल का उठान पेंडिंग, बरसात में भीगी गेहूं से किसानों को लगेगी चपत
  • 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस है तो गेहूं का पूरा दाम खरीद एजेंसी को देना होगा
    जगसीर शर्मा |

सिरसा. (जगसीर शर्मा) जिले में बरसात से लस्टर लॉस यानि चमक रहित दाने की श्रेणी में आई गेहूं के दाम में अब कटौती की जाएगी। मंडियों में जांच के बाद जिस गेहूं में 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस होगा, उस किसान को 4 रुपये 81 पैसे प्रति क्विंटल की चपत लगने वाली है। पिछले दिनों जिला की कुछ मंडियों में लस्टर लॉस की शिकायत आई थी, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लेते हुए खरीद एजेंसी प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस वाली गेहूं को निर्धारित सरकारी दाम पर खरीदा जाएगा।
पिछले तीन सप्ताह से अचानक बेमौसमी बरसात ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। कटाई सीजन के दौरान खड़ी गेहूं की फसलें बारिश की चपेट में आई थी। जिससे कुछ इलाकों में गेहूं लस्टर लॉस की श्रेणी में आने से किसानों को परेशानी आने लगी हैं। मंडियों में किसानों की गेहूं को खरीद एजेंसियां रिजेक्ट कर देती थी। जिसके बाद लस्टर लॉस गेहूं की सैंपलिंग करवाई गई, तो सरकार ने 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस गेहूं को 4 रुपये 80 पैसे प्रति क्विंटल कटौती से खरीदने के निर्देश खरीद एजेंसियों को दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस पाया जाता है, तो किसान को गेहूं का पूरा दाम खरीद एजेंसी को देना होगा।

अधिकारियों की लापरवाही से अटकी किसानों की पेमेंट

जिले में 25 दिनों में 54 लाख 15 हजार 736 क्विंटल गेहूं खरीदी है, जबकि मंडियों में 24 लाख 14 हजार 809 क्विंटल उठान पेंडिंग है। वहीं पिछले दिनों खरीद एजेंसियों की लापरवाही से 20 लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान तले बरसात में भीग गया था। उन गेहूं की बोरियों को मजदूर सुखाने में जुटे हैं, लेकिन नमी की मात्रा ज्यादा होने से स्टोरेज में दिक्कतें बरकरार हैं। जिसके चलते लोडिंग गाड़ियां वापस लौटाई जाती हैं। जिससे मंडियों से उठान में देरी किसानों की मुश्किलें बढ़ाएगी। उधर दी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान हरदीप सरकारिया ने गेहूं स्टोरेज के दौरान गोदामों में सरेआम रिश्वतखोरी चलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो पैसा देता है उसकी गाड़ियां बिना चेकिंग के अनलोड की जाती हैं। जबकि जो रिश्वत नहीं देता उसकी गाड़ियों में कुछ बोरियां नमी ज्यादा बता वापस लौटा दी जाती हैं। इसके अलावा अधिकारियों की लापरवाही से किसानों की पेमेंट समयानुसार नहीं मिल पाती है। सरकारिया ने बताया कि 5 मई को उनके किसानों की पेमेंट आनी थी, लेकिन तीन दिनों बाद उसके खाते में किसानों का पैसा नहीं आया है। जोकि अधिकारियों ने प्राइवेट बैंकों में खाते खुलवाए हैं और वह पेमेंट का ब्याज खाने के लिए आढ़तियों को देरी से किसानों की पेमेंट करते हैं।
गेहूं बेचने के इंतजार में हैं 50 हजार से ज्यादा किसान
जिले में 3 लाख 2 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती है। सालाना सवा करोड़ क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक होती है। वर्ष 2019 में गेहूं खरीद का यह आंकड़ा 1 करोड़ 24 लाख 22 हजार क्विंटल तक पहुंचा था। 7 मई तक 1 करोड़ 10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी थी। लेकिन इस बार सिर्फ 54 लाख क्विंटल गेहूं खरीद हो पाई है। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते मंडियों में गेहूं की 40 प्रतिशत आवक भी नहीं हो पाई है। जिससे 50 हजार से ज्यादा किसानों को अपनी गेहूं फसल बेचने का इंतजार है।

कटौती के साथ खरीदी जाएगी लस्टर लॉस गेहूं
गेहूं में लस्टर लॉस यानि चमक रहित दाने की श्रेणी में आए अनाज को पहले खरीदा नहीं जाता था, लेकिन अब सरकार ने 10 से 30 फीसदी लस्टर लॉस वाली गेहूं को 4 रुपये 81 पैसे कटौती के साथ किसानों से खरीदने के निर्देश दिए हैं। जबकि 10 प्रतिशत से कम लस्टर लॉस की गेहूं पूरे दाम में खरीदी जाएगी।'' – प्रदीप कुमार, मैनेजर एफसीआई, सिरसा।