लॉकडाउन में बंद यूटी गेस्ट हाउस में हमें रखा गया, खाना तक नहीं मिला

  • ट्वीट कर बोला- तनख्वाह से कटे एनपीएस फंड से अपनी रोजी रोटी चला लूंगी
  • सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव न होगा, मेरा इस्तीफी मंजूर हो जाना चाहिए

पानीपत. लॉकडाउन-3 में अपने पद से इस्तीफा देकर घर जाने वाली हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर की टीस गुरुवार को फिर से सोशल मीडिया पर बाहर आई। रानी नागर ने लोगों से अपील की है कि उसके इस्तीफे के लिए लोग आंदोलन न करें, क्योंकि उसके लिए अब नौकरी कर पाना संभव नहीं होगा। रानी ने यूटी गेस्ट हाउस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके खाने में पिन डालकर दी जाती थी, इस संबंध में शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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— Ias Rani Nagar (@ias_raninagar) May 7, 2020

रानी नागर ने सिलसिलेवार 5 ट्वीट किए

  • रानी नागर ने लोगों को आग्रह करते हुए कहा कि आप मेरा इस्तीफा स्वीकार ना किए जाने के लिए आग्रह व आंदोलन ना करें। मुझे माननीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं अपने केस में माननीय न्यायपालिका में जाती रहूंगी। मेरे पास अभी अपनी रोटी खाने के लिए भी बहुत सीमित साधन है। मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि जितनी जल्दी मेरा इस्तीफा स्वीकार होगा उतनी ही जल्दी मेरा तनख्वाह में से कटा हुआ एनपीएस फण्ड मुझे प्राप्त होगा जिससे मैं अपना रोटी का का खर्चा चला पाऊंगी।
  • मेरे इस्तीफा स्वीकार ना होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए सम्भव नहीं होगा। यू टी गेस्ट हाऊस के कमरे में स्वयं खाना बनाने के लिए गैस व चूल्हा लगाया जाना मना था। मैं रूपये देकर यूटी गेस्ट हाऊस से जो खाना खरीदती थी, मुझे उस खाने में लोहे के पिन डालकर खाना दिया जाता था। इस बारे की गई लिखित शिकायत की प्रति संलग्न है।
  • लॉकडाउन में यूटी गेस्ट हाऊस को जनता के लिए बंद कर दिया गया लेकिन मुझे और मेरी बहन रीमा नागर को यूटी गेस्ट हाऊस में ही रखा गया। खाना नहीं मिला। हम इस दौरान बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ से अपना गुजारा चलाया। यदि आप मेरा इस्तीफा रोकने बारे आग्रह व आंदोलन ना करें तो आप सभी की हम पर बड़ी दया होगी।

मैं रानी नागर पुत्री स्व श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गाँव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी से हाथ जोड़कर सादर यह विनती करती हूँ कि आप मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार ना किए जाने के लिए आग्रह व आंदोलन ना करें। मुझे माननीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। मैं अपने केस

— Ias Rani Nagar (@ias_raninagar) May 7, 2020

मायावती ने रानी नागर के पक्ष में किया था ट्वीट

मायावती ने रानी नागर के पक्ष में ट्वीट करते हुए लिखा था कि हरियाणा की महिला आईएएस अफसर रानी नागर को नौकरी के दौरान अपनी जान को खतरा के कारण अन्ततः अपनी नौकरी से ही इस्तीफा देकर वापस अपने घर यूपी लौट आना पड़ा है, जो अति-दुःखद व अति-दुर्भाग्यपूर्ण। महिला सुरक्षा व सम्मान के मामले में ऐसी सरकारी उदासीनता व अन्यों की चुप्पी क्यों?

विवादों से जुड़ा रहा है कैरियर
रानी नागर ने वर्ष 2018 के दौरान एक आईएएस पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। यह मामला सीएम ऑफिस भी पहुंचा था। नागर ने एक कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। सिरसा जिला के डबवाली में एसडीएम पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था।