यमुना नदी के रास्ते यूपी से गेहूं से लदी ट्रॉलियां पहुंच रही छछरौली अनाज मंडी में

छछरौली. अनाज मंडी में बाहरी राज्यों का गेहूं पहुंच रहा है। मार्केट कमेटी की ओर से बाहरी राज्यों के अनाज को रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया गया। आढ़तियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी आदेशों की सरेआम अवहेलना की जा रही है। सुबह होते ही नवाजपुर, लाक्कड़, भीलपुरा की ओर से यमुना नदी के रास्ते से यूपी से गेहूं से लदी ट्रालियां छछरौली अनाज मंडी में पहुंच
रहीं हैं।
नाके बाद भी पहुंचा गेहूं| यमुना के रास्ते से आने वाली गेहूं की ट्राॅलियां किसानों की नहीं बल्कि व्यापारियों की होती हैं, जिनकी पहले से ही कुछ खिजराबाद व छछरौली के आढ़तियों के साथ लेन देन होता है। बड़े व्यापारियों के साथ मिलकर आढ़ती दूसरे राज्यों में अनाज खरीदते हैं। सीजन के शुरू में ही सरकार द्वारा आदेश जारी किए गए थे कि मंडियों में बाहरी राज्यों का अनाज नहीं खरीदा जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से नाके भी लगाए गए, लेकिन उसके बाद भी अनाज मंडियों में बाहरी राज्यों का गेहूं पहुंचा। छछरौली अनाज मंडी के बाहर खड़ी यूपी नंबर के ट्रैक्टर ट्राॅलियां इस बात की गवाही दे रहीं हैं कि यहां पर बाहरी राज्यों का अनाज धड़ल्ले से खरीदा जा रहा है।
सिरे नहीं चढ़ पाई योजना | सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार जिस किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा होगा, उसी किसान के पास विभाग की ओर से संदेश भेजा जाएगा और उसी किसान का अनाज खरीदा जाएगा, लेकिन आढ़तियों और विभाग की मिलीभगत के चलते सरकारी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। अनाज मंडी में भी कई तरह की गड़बड़ी के चलते किसानों का अनाज खरीदा गया। सूत्रों के अनुसार जिस किसान के नाम पर रजिस्ट्रेशन हुआ है उस किसान के नाम पर बाहरी राज्यों का अनाज भी खरीदा गया।
नहीं आया बाहरी राज्यों का अनाज |छछरौली अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम सागर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंडी के बाहरी राज्यों से आने वाले अनाज को रोकने के लिए उनके स्तर पर कोई प्रबंध नहीं किए गए। मंडी में बाहरी राज्यों का अनाज नहीं आया है।