भिरडाना में 100 ट्रक-लोडिंग वाहन चालक, कोरोना प्रभावित जिलों-राज्यों में माल लेकर आ और जा रहे

  • ये संक्रमण फैलने का न बने कारण इसलिए हिसार स्वास्थ्य विभाग ने उनकी सैंपलिंग के लिए फतेहाबाद पुलिस से साधा संपर्क

हिसार. फतेहाबाद के गांव भिरडाना में करीब 100 ट्रक व भारी लोडिंग वाहन हैं, जिनके चालक माल की सप्लाई करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों व देश के कई राज्यों में जाते-आते हैं। इनमें से काफी कोरोना प्रभावित रेड जोन में जाकर आते हैं। इन चालकों के साथ कोरोना का संक्रमण हिसार मंडल में न फैले, उसके लिए हिसार जिला स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। यहां के मलेरिया विभाग में कार्यरत जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने फतेहाबाद पुलिस से संपर्क किया है। उन्हें उक्त जानकारी देकर ट्रक एवं लोडिंग वाहन चालकों की सूची मांगी है।

बताया है कि चालकों व इनके साथ रहने वाले क्लीनर्स का शारीरिक परीक्षण और सैंपलिंग होना जरूरी है। ये दूसरे राज्यों में जाकर वहां से हिसार होकर आगे जाते हैं। ऐसे में फतेहाबाद जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के सहयोग से कोरोना पर नियंत्रण संभव है। इन चालकों का नाम, पता व मोबाइल नंबर मिलने पर उनसे संपर्क साधकर सैंपलिंग के लिए बुलाया जाएगा। फिर भी आकर सहयोग नहीं करते हैं तो स्वास्थ्य जांच व सैंपलिंग के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी।

इनकी जांच बहुत जरूरी है
जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि फतेहाबाद के भिरडाना में 100 के करीब ट्रक व भारी लोडिंग वाहन चालक हैं। इनका कई राज्यों में आना-जाना है मगर उनकी स्वास्थ्य जांच नहीं हुई है। यह चिंता का विषय है, जिसको गंभीरता से लेकर फतेहाबाद पुलिस के सुरक्षा प्रभारी और सदर थाना पुलिस से संपर्क साधकर सूची तैयार करने के लिए कहा है। उम्मीद है कि फतेहाबाद प्रशासन के सहयोग से सभी चालकों व क्लीनर्स की शारीरिक व कोरोना जांच होगी। पंजाब, राजस्थान, गुजरात सहित अन्य महानगरों में तूड़ी, फल और सब्जियां लेने व सप्लाई करने आते-जाते हैं।

कई बार शारीरिक जांच के लिए कहा जा चुका
यहां लगभग 100 ट्रक व भारी लोडिंग वाहन चालक हैं। तूड़ी सप्लाई करने के लिए राजस्थान जाते हैं। वहां से लौटते वक्त फल-सब्जियां भरकर सप्लाई के लिए लौटते हैं। एक बार घर से वाहन लेकर निकल जाएं फिर चार दिन बाद ही लौटते हैं। इसके बाद अगले दिन पुन: माल सप्लाई करने चले जाते हैं। कई बार शारीरिक जांच के लिए कहा जा चुका है मगर कोई गंभीरता से नहीं लेता। स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देकर उनकी जांच करनी चाहिए।'' सुभाष चंद्र, सरपंच भिरडाना, फतेहाबाद।