बाजार में ग्राहकों की कमी, गारमेंट्स व जूतों की बिक्री में 70 प्रतिशत की कमी

बाढड़ा. सरकार द्वारा लाॅकडाउन में छूट देकर दुकानें खोलने की अनुमति देने के बाद बाजार खुल गए हैं। लेकिन कोरोना महामारी के भय के चलते लोग घरों से बाहर बहुत कम निकल रहे हैं। इससे गारमेंट्स व चप्पल जूतों की बिक्री 70 प्रतिशत व इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की बिक्री 50 प्रतिशत तक घट गई है।
सरकार व प्रशासन ने 4 मई से लॉकडाउन 3 में कस्बे में गारमेंटस, चप्पल-जूता व इलेक्ट्रॉनिक्स आदि की दुकानें खोलने की छूट दी हुई है। इसके बाद बाजार में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दुकानें खुल रही हैं। लेकिन बाजारों में भीड़ नहीं उमड़ रही है। दुकानों पर बहुत कम ग्राहक दिखाई दे रहे हैं। इससे बाजारों में सुना पन्न महसूस किया जा रहा है।
इन दिनों में पिछले वर्ष विवाह-शादियों के कारण बाजारों में काफी संख्या में भीड़ उमड़ती थी। लेकिन इस बार विवाह शादी समारोह नहीं हो रहे हैं। कोई विवाह शादी हो रही है तो गुपचुप तरीकों व बिना खर्चा किए हो रही है। जिसके कारण भारी भरकम कपड़ों की खरीददारी से लोग दूर ही रह रहे हैं।
रिश्तेदारियों में शादी समारोह में आनाजाना तो दूर की बात हो गई है। काेरोना महामारी के भय के चलते लोग घरों व गांवों से बाहर ही बहुत कम निकल रहे हैं।

विवाह-शादी न होने के कारण कम आ रहे ग्राहक

गारमेंटस के दुकानदार सुधीर कुमार, सतीश, आशिष आदि ने बताया कि बाजार में गारमेंट्स व चप्पल जूतों की लगभग 100 दुकानें हैं। लॉकडाउन से पूर्व कस्बे बाजार में गारमेंट्स व चप्पल-जूतों की लगभग 10-12 लाख रुपये की प्रतिदिन की बिक्री होती थी। लेकिन लॉकडाउन के बाद बिक्री घट कर मात्र 3-4 लाख रुपये तक सिमट कर रह गई है। इन दिनों में विवाह-शादियों के कारण गारमेंट्स व चप्पल-जूतों की बिक्री का सीजन माना जाता था। लेकिन विवाह-शादी ना होने के कारण इस बार ग्राहक ही बाजार में बहुत कम आ रहे है। इससे गारमेंट्स व चप्पल जूतों के बिक्री में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में कूलर-पंखों की ही बिक्री

इलेक्ट्रॉनिक्स के दुकानदार ओमबीर, संजय, नरेन्द्र आदि ने बताया कि सरकार ने बाजार खोलने की छूट दे दी है। लेकिन लॉकडाउन के कारण आम आदमी खुलकर सामान की खरीददारी नहीं कर रहा है। ज्यादा जरूरत के सामान की खरीददारी ही हो रही है। जिसके कारण बाजार में बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं। गर्मी की शुरूआत के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर इन दिनों में भीड़ उमड़ती थी। इस बार सीजन होने के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान की खरीददारी आधी से भी कम हो रही है। ग्राहक लॉकडाउन के कारण घरों से बहुत कम बाहर निकल रहे है। घरों से बाहर कोई निकलता है तो केवल जरूरी सामान की खरीददारी ही करता है।