बाजार खुलते ही अधिकतर दुकानदार और ग्राहक भूले सोशल डिस्टेंसिंग

यमुनानगर. लॉकडाउन-3 प्रशासन की ओर से छूट दी गई है। मंगलवार से मार्केट की सभी दुकानें प्रशासनिक आदेशों पर खुल गईं। दूसरे दिन शहर की प्रमुख मार्केटाें में भीड़भाड़ देखी गई। मीरा बाजार खचाखच भरा नजर अाया। यहां के दुकानदार सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते नजर नहीं आए। वे न अपनी अाैर अपने ग्राहकों की चिंता नहीं कर रहे। न मास्क लगा रहे हैं न ही दुकानों पर सेनिटाइजर िदखा। कई दुकानाें के अंदर 7-8 ग्राहक घुसे थे।
मीरा बाई मार्केट शहर का प्रमुख बाजार है। यहां 700 से अधिक दुकानें हैं। एक दिन पहले ही प्रशासन की ओर से यहां दोनों साइड की दुकान खोलने पर फैसला बदला गया। यह तय किया गया कि एक दिन एक और अगले दिन दूसरी साइड की दुकानें खोली जाएं, जिससे बाजार में भीड़ की स्थिति न हो। ऐसा ही हुआ। बुधवार को दूसरी साइड की दुकानें खुली। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते दुकानदार दिखाई नहीं दिए। दुकानों के बाहर रस्सी तो बंधी थी, लेकिन ये दिखाने के लिए लगाई गई है। दोपहर तक यहां पूरी भीड़ रही। सामान लेने आए अधिकतर लोग मास्क पहन कर ही नहीं आए। इनको दुकानदारों ने भी सुझाव नहीं दिया कि वे अगली बार जब भी सामान लेेने आएं तो मास्क जरूर लगाएं। दुकानों पर सेनिटाइजर रखा नहीं दिखा। ये भी हिदायत दी गई थी कि सेनिटाइजर रखना जरूरी है। ये ग्राहक व दुकानदार दोनों के हित में है। बाहर से आए लोगों के हाथ पहले सेनिटाइज करने हैं। इसके बाद उन्हें दुकानदार सामान दिखाएगा। ऐसा मीरा बाजार में ही नहीं दूसरे बाजार में भी नहीं दिखाई दिया। दुकानदार खुद मुंह पर रुमाल रखे बैठे थे। जिन लोगों ने बांध रखा था वह मुंह से नीचे किया हुआ था। बाजार में आए खरीदार विशाल ने बताया कि उसको शर्ट लेनी है। लॉकडाउन के कारण वह बाजार में नहीं आ पा रहा था। बाजार खुलते वह तुरंत आया। उसने मास्क, सेनिटाइजर अपनी जेब में रखा है।

कैंप एरिया में भी टूटती नजर आई सामाजिक दूरी

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी अपनाने को कहा गया है। इसके लिए प्रशासनिक एडवाइजरी भी जारी हुई है। इसके बावजूद कैंप एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग नजर नहीं आई। दुकानों के बाहर ग्राहक एक दूसरे से सट कर खड़े थे। जबकि दूरी बनाने के आदेश हैं। यहां दुकानदार विक्रम, कृष्ण, संत सिंह ने बताया कि वे लोग खुद मास्क पहने हैं, ग्राहकों को समझा रहे हैं कि सामान लेने के लिए बारी का इंतजार करें, लेकिन कोई इंतजार नहीं करना चाहता। सबको जल्दी है। इसलिए उनकी बात को अनसुना कर एक दूसरे से पहले सामान लेने की होड़ लगी रहती है। एक दो दिन अगर पुलिस गश्त बाजार में रहे तो ग्राहक भी सामाजिक दूरी के नियम को फॉलो करेंगे। ये उनके हित में रहेगा।