बच्चों को घर बैठे मिलेगा 48 दिन का मिड डे मील का राशन

  • बच्चों को एक सप्ताह में तीन दिन दिया जाएगा चॉकलेट, इलायची व वनिला सूखा दूध
  • इस बार मई के साथ जून का भी मिलेगा मिड डे मील का सूखा राशन, घरों में पहुंचाएंगे शिक्षक

यमुनानगर. कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लॉकडाउन-3 शुुरू हो गया है। स्कूल बंद होने से बच्चों को अप्रैल में मिड डे मील का सूखा राशन पहले ही दिया जा चुका है। अब शिक्षा विभाग पहली से आठवीं तक के बच्चों को मई के साथ जून का राशन देगा। राशन देने के लिए मौलिक शिक्षा निदेेशालय की ओर से पत्र जारी किया गया। जिसमें ये निर्देश दिए गए हैं कि अध्यापक बच्चों के घर जाकर मिड डे मील दें। बीईओ रविंद्र राणा का कहना है कि विभाग की ओर से निर्देश हैं कि मई के साथ जून का मिड डे मील का सूखा राशन बांटा जाएगा। 48 दिन का राशन अध्यापक बच्चों के घर जाकर देंगे। इससे पहले अध्यापकों ने अप्रैल में घर जाकर बच्चों में राशन वितरित किया था।
इसके साथ ही पहली बार बच्चों को घरों में ही अध्यापक मिड डे मील राशन के साथ फ्लेवर चॉकलेट, इलायची व वनिला सूखा दूध हर बच्चे को वितरित करेंगे। इससे पहले कभी बच्चों को जून का मिड डे मील नहीं मिला। जून में स्कूल बंद रहते हैं। इसलिए मिड डे मी नहीं दिया जाता। शिक्षा विभाग ने बच्चों को घर में ही विटामिन व प्रोटीन की सुविधाएं लॉकडाउन के दौरान छात्रों को प्रदान की। इसके साथ ही कोरोना महामारी में शिक्षक मिड डे मील राशन बांटने में अहम भूमिका निभा रहे हैं ।
व्यंजन के लिए सरकार ने बढ़ाई कुकिंग कोस्ट | इस बार बच्चों को अधिक स्वादिष्ट व्यंजन मिलेंगे। मिड डे मील व्यंजन के लिए सरकार ने कुकिंग कोस्ट को बढ़ा दिया है। पहले पहली से पांचवीं तक बच्चों के लिए पकने वाले व्यंजन की कुकिंग कोस्ट प्रति बच्चा चार रुपए 48 पैसे थी, जिसे अब बढ़ाकर चार रुपए 97 पैसे कर दिया गया। इसी तरह छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए पकने वाले व्यंजन की कुकिंग कोस्ट प्रति बच्चा छह रुपए 71 पैसे थी ये अब बढ़ाकर सात रुपए 45 पैसे कर दी गई।
बच्चों के खाते में डाली जाएगी कोस्ट
मिड डे मील के राशन कुकिंग लागत बच्चों के बैंक खातों में अध्यापकों की ओर से डाली जाएगी। इसके अलावा सूखा राशन अध्यापकों की ओर से घरों में जाकर बांटा जाएगा। अप्रैल माह में का राशन भी अध्यापक घर जाकर एक बार बांट चुके हैं।