नप की अस्पष्ट अनाउंसमेंट से शहर में मिठाई की 350 दुकानें बंद, रोज डेढ़ करोड़ का नुकसान, ढाई हजार परिवार प्रभावित

  • दुकान पर मिठाई बिक्री करने व होम डिलीवर की रहेगी छूट
  • बीएंडआर दुकान पर मिठाई बिक्री करने व होम डिलीवर की रहेगी

भिवानी. सुनो-सुनो-सुनो, जो मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकान खोलेगा उससे जुर्माना वसूला जाएगा और दुकान को सील कर दिया जाएगा। कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए शहर के सभी मिष्ठान भंडार बंद रखने के आदेश हैं, जिसने मिष्ठान भंडार खोल रखे हैं वे तुरंत प्रभाव से अपनी दुकानें बंद कर दें, नहीं तो दुकान को सील कर दिया जाएगा। नगर परिषद की आेर से इस अस्पष्ट अनाउंसमेंट के कारण शहर में 350 से अधिक मिठाई की दुकानें बंद हैं। इससे मिष्ठान भंडार संचालकों को रोजाना जहां करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, वहीं इस व्यवसाय से जुड़े करीब ढाई हजार परिवारों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है।
इसके अलावा हलवाइयों व व्यापारी नेताओं में प्रशासनिक आदेशों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नगर परिषद दो दिनों से शहर में अनाउंसमेंट करवा रही है कि मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानें न खोलें। इस असमंजस को दूर करने के लिए डीसी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मिठाई की दुकानें खुली रहेंगी। उपभोक्ता मिठाई ले जा सकते हैं, लेकिन अंदर बैठकर खाने की मनाही होगी।
प्रशासन ने तीन दिन पहले सभी बाजार सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक खोलने की स्वीकृति दी थी। आदेशों के बाद बाजार खुल गए और मिष्ठान भंडार संचालकों ने भी अपनी दुकानें खोल ली लेकिन दो दिन से नगरपरिषद की तरफ से शहर में मुनादी करवाई जा रही हैं कि मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानों को बंद रखे। इस संबंध में व्यापार मंडल के सदस्य जब डीसी अजय कुमार से मिले तो उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि ऐसे कोई आदेश नहीं है। मिष्ठान भंडार संचालक अपनी दुकानें खोल सकते हैं, लेकिन नप की तरफ से दुकानें बंद रखने की मुनादी करवाई जा रही हैं।